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विश्व एड्स दिवस 2024: गुजरात से आई खुशखबरी, HIV प्रसार और संक्रमण दर में हुई गिरावट

Gujarat News: HIV रोकथाम व जांच-उपचार के लिए गुजरात में 105 गैर-सरकारी संगठनों और 2 ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी (OST) केंद्रों के माध्यम से जागरूकता और रोकथाम की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। साथ ही, राज्य में 261 ICTC केंद्रों (3 मोबाइल वैन सहित) और 2400 से अधिक स्क्रीनिंग केंद्रों के माध्यम से नि:शुल्क HIV परीक्षण की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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विश्व एड्स दिवस

World AIDS Day: विश्व एड्स दिवस पर गुजरात राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (GSACS) और राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के सहयोग से गुजरात सरकार व्यापक जागरूकता अभियान आयोजित करेगी। इस वर्ष की थीम “टेक द राइटस पाथ: माय हेल्थ, माय राइट” का उद्देश्य HIV संक्रमित व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करते हुए उन्हें सम्मानजनक जीवन देना है। उल्लेखनीय है कि गुजरात सरकार ने GSACS के साथ मिलकर पिछले 7 महीनों में 22 लाख 50 हजार से अधिक व्यक्तियों तक HIV से संबंधित परामर्श, परीक्षण और उपचार की सेवाएं पहुंचाई है।

इन कार्यक्रमों में राज्यभर में रैलियां, नाटक, चित्रकला, पोस्टर, रंगोली प्रतियोगिताएं, प्रश्नोत्तरी और निबंध लेखन जैसे आयोजन होंगे। इसके साथ ही, सार्वजनिक स्थानों, बसों, ट्रेनों और LED स्क्रीन के माध्यम से भी संदेश प्रसारित किए जाएंगे। सरकारी विभागों, निजी कंपनियों, एनजीओ और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से यह अभियान सफल बनाने का प्रयास होगा।

2019 की तुलना में HIV प्रसार और HIV संक्रमण दर घटी

गुजरात सरकार और गुजरात राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के संयुक्त प्रयास से राज्य ने HIV नियंत्रण में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। NACO के आँकड़ों के अनुसार गुजरात में अनुमानित वयस्क एचआईवी प्रसार में 2019 में 0.20% से घटकर 2023 में 0.19% हो गई है। इसी तरह, वर्ष 2019 में HIV संक्रमण दर प्रति 1,00,000 असंक्रमित व्यक्तियों में 6 व्यक्ति से घटकर वर्ष 2023 में 4 व्यक्ति हो गई है।

GSACS के अनुसार 1 अप्रैल 2024 से 31 अक्टूबर 2024 तक गुजरात में "इंडेक्स टेस्टिंग अभियान" के तहत 91,550 से अधिक HIV-पॉजिटिव व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें उचित परामर्श और जांच-उपचार सेवाएं दी गई हैं। इसी तरह, “इंटीग्रेटेड हेल्थ अभियान” के तहत भी 325 शिविर आयोजित कर HIV, टीबी, हेपेटाइटिस B&C और STI की स्क्रीनिंग और उपचार सेवाएँ दी गई है।

98,398 मरीजों को मिली जांच-उपचार सेवाएं

STI नियंत्रण कार्यक्रम के तहत गुजरात में कार्यरत 60 सरकारी STI नियंत्रण केंद्रों से 98,398 मरीजों को जाँच-उपचार की सेवाएं दी गई हैं। इसी तरह, राज्य के बेसिक सेवा प्रभाग में भी 2,600 से अधिक HIV परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनमें इस समयावधि में 11,93,988 व्यक्तियों का HIV परीक्षण किया गया, जिनमें पाए गए 4729 (0.39%) HIV पॉजिटिव व्यक्तियों को उचित परामर्श और उपचार सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

इतना ही नहीं, राज्य सरकार के प्रिवेन्शन ऑफ पैरेन्ट टू चाइल्ड ट्रान्समिशन ऑफ HIV/AIDS कार्यक्रम के तहत 8 लाख 96 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं का भी HIV परीक्षण किया गया, जिनमें से 295 (0.03%) गर्भवती महिलाएँ HIV पॉजिटिव पाई गईं, जिसके बाद उन्हें उचित परामर्श और उपचार सुविधाएँ प्रदान की गईं।

HIV रोकथाम के लिए राज्य सरकार का संदेश और ध्येय

गुजरात सरकार HIV पीड़ित व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा करते हुए उनके प्रति किसी भी प्रकार के कलंक और भेदभाव को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। HIV/एड्स (रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 2017 के तहत राज्य सरकार ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। विश्व एड्स दिवस के अवसर पर राज्यभर में आयोजित गतिविधियों का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना और एक समावेशी समाज का निर्माण करना है। नए संक्रमणों की रोकथाम, जागरूकता का प्रसार और गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान करना राज्य के प्रयासों का मुख्य केंद्र बना रहेगा।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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