Wolf Supermoon: जनवरी 2026 का पहला फुल मून जल्द ही दिखाई देने वाला है। इसे वुल्फ मून कहा जाता है, और यह साल का पहला सुपरमून भी होगा।
वुल्फ मून क्या है?
पूर्णिमा तब होती है जब चंद्रमा पृथ्वी के दूसरी तरफ होता है जो सूर्य के समान होता है और इसका चेहरा पूरी तरह से प्रकाशित होता है। चूंकि चंद्रमा का कक्ष पृथ्वी के सापेक्ष अण्डाकार होता है, इसलिए चंद्रमा की पृथ्वी से दूरी पूरे महीने में बदलती रहती है। सुपरमून तब होता है जब पूर्णिमा चंद्रमा पृथ्वी के सबसे करीब होता है। इससे चंद्रमा सामान्य से थोड़ा बड़ा और चमकीला दिखाई देता है।
वुल्फ मून नाम कहां से आया?
वुल्फ मून नाम मूल अमेरिकी जनजातियों द्वारा दिया गया था, क्योंकि जनवरी में भेड़ियों के चिल्लाने की आवाज सुनाई देती थी। ऐसा इसलिए है क्योंकि सर्दियों के महीनों में भोजन कम होता है, इसलिए भेड़ियों को जीवित रहने के लिए शिकार करना पड़ता है।
वुल्फ सुपरमून कब दिखाई देगा?
जनवरी 2024 का वुल्फ सुपरमून 25 जनवरी को दिखाई देगा। यह भारत में शाम 06:06 बजे दिखाई देगा। चंद्रमा आकाश में बहुत चमकीला दिखाई देगा, इसलिए इसे देखना आसान होगा।
वुल्फ सुपरमून को कैसे देखें?
वुल्फ सुपरमून को देखने के लिए, आपको बस एक स्पष्ट रात में बाहर जाना होगा और आकाश की ओर देखना होगा। चंद्रमा आकाश में बहुत चमकीला दिखाई देगा, इसलिए इसे देखना आसान होगा। आप दूरबीन या दूरबीन का उपयोग करके चंद्रमा को और भी करीब से देख सकते हैं। वुल्फ सुपरमून एक खूबसूरत नजारा है जिसे आप मिस नहीं करना चाहेंगे। तो, 25 जनवरी को बाहर जाना सुनिश्चित करें और इसे देखें!
