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'क्या अब मणिपुर जाकर लोगों से माफी मांगेंगे पीएम मोदी?' कांग्रेस ने पूछे तीखे सवाल

President Rule Manipur: मणिपुर में बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया और विधानसभा को निलंबित कर दिया गया। कुछ दिनों पहले ही एन बीरेन सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके कारण राज्य में राजनीतिक अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई थी। जिसके बाद खड़गे ने कहा कि क्या अब मणिपुर जाने और "लोगों से माफी मांगने" का साहस प्रधानमंत्री करेंगे।

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मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी से पूछा सवाल।

Kharge Slams PM Modi: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाया गया क्योंकि कोई भी विधायक भारतीय जनता पार्टी की "अक्षमता" का बोझ स्वीकार करने को तैयार नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब मणिपुर का दौरा करने और वहां के लोगों से माफी मांगने का साहस दिखा पाएंगे?

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगने पर क्या बोले खड़गे?

मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफा देने के चार दिन बाद बृहस्पतिवार को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया। विधानसभा को भी निलंबित कर दिया गया है। खड़गे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, "नरेंद्र मोदी जी, आपकी पार्टी ही 11 साल से केंद्र में शासन कर रही है। यह आपकी पार्टी है जो आठ साल तक मणिपुर पर भी शासन कर रही थी। यह भाजपा ही है जो राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार थी।"

उन्होंने कहा, "यह आपकी सरकार है जिसकी राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा पर गश्ती की जिम्मेदारी है। आपके द्वारा राष्ट्रपति शासन लगाना, अपनी ही पार्टी की सरकार को निलंबित करना इस बात की सीधी स्वीकारोक्ति है कि आपने मणिपुर के लोगों को निराश किया।"

कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम मोदी से पूछे तीखे सवाल

उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति शासन इसलिए नहीं लगाया क्योंकि वह ऐसा चाहते थे, बल्कि इसलिए लगाया क्योंकि राज्य में संवैधानिक संकट है तथा आपका कोई भी विधायक आपकी अक्षमता का बोझ स्वीकार करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा, "आपके ‘डबल इंजन’ ने मणिपुर की निर्दोष जनता की जिंदगियों को रौंद दिया।अब समय आ गया है कि आप मणिपुर में कदम रखें और पीड़ित लोगों के दर्द और पीड़ा को सुनें और उनसे माफी मांगें।"

खड़गे ने सवाल किया, ‘‘क्या आपमें यह साहस है?’’ उन्होंने दावा किया, "मणिपुर की जनता आपको और आपकी पार्टी को माफ नहीं करेगी।"

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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