Shashi Tharoor : महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सरकार की आलोचना भी की है और उसे नसीहत दी भी है। शुक्रवार को लोकसभा में विधेयक पर जारी चर्चा में शामिल होते हुए थरूर ने सरकार को इस विधेयक को जल्दबाजी में पेश न करने की नसीहत दी। उन्होंने नोटबंदी की याद दिलाते हुए कहा कि हम सभी जानते हैं कि उस समय क्या हुआ था। परिसीमन संशोधन विधेयक का विरोध करते हुए तिरूवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद ने कहा कि 'यह डिलिमिटेशन एक राजनीतिक नोटबंद में बदल जाएगा। सर, ऐसा मत करिए।'
'राजनीतिक नोटबंदी साबित होगा। कृपया ऐसा न करें'
लोकसभा में थरूर ने कहा, 'महिलाओं के आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना, दरअसल भारतीय महिलाओं की आकांक्षाओं को हमारे इतिहास की सबसे विवादास्पद राजनीतिक प्रक्रियाओं में से एक के साथ बंधक बनाने जैसा है…भविष्य के परिसीमन में जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में असफलता पाई है, उन्हें अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व देकर पुरस्कृत किया जाएगा। हमें खुद से पूछना चाहिए कि क्या हम यह संदेश देना चाहते हैं कि सुशासन का परिणाम राजनीतिक अप्रासंगिकता हो…आपने परिसीमन को इतनी जल्दबाजी में प्रस्तावित किया है, जैसी जल्दबाजी आपने नोटबंदी के समय दिखाई थी। दुर्भाग्य से हम सब जानते हैं कि उससे देश को कितना नुकसान हुआ। परिसीमन, महोदय, राजनीतिक नोटबंदी साबित होगा। कृपया ऐसा न करें।'
इसे कंटीले तारों में लपेट दिया है-थरूर
थरूर ने कहा, 'आज हम ऐसी स्थिति में हैं जहां महिला आरक्षण को लेकर लगभग सर्वसम्मत राजनीतिक सहमति है। हर बड़ा दल मानता है कि प्रतीकों का समय खत्म हो गया और सामूहिक साझेदारी का कालखंड शुरू होना चाहिए।’उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री कहते हैं कि वह नारी शक्ति के लिए न्याय का उपहार लाए हैं लेकिन उन्होंने इसे कंटीले तारों में लपेट दिया है, महिला आरक्षण को लागू करने को संसद सत्र के विस्तार से, 2011 की जनगणना के आंकड़ों के इस्तेमाल से और परिसीमन की प्रक्रिया से जोड़ दिया है।’ थरूर ने कहा कि महिला आरक्षण की 'फसल कटने को तैयार है’, इसे संसद में सीटों की मौजूदा संख्या के आधार पर तत्काल लागू किया जा सकता है और किया जाना चाहिए।
'इतनी ही जल्दबाजी आपने नोटबंदी में दिखाई'
उन्होंने कहा, 'आपने इतनी हड़बडी में परिसीमन का प्रस्ताव रखा है, इतनी ही जल्दबाजी आपने नोटबंदी में दिखाई थी। हम सब जानते हैं कि दुर्भाग्य से देश को उस समय कितना नुकसान हुआ था। परिसीमन (डिलिमिटेशन) की कवायद ’राजनीतिक नोटबंदी (डिमोनेटाइजेशन)’ बन जाएगी। इसे मत कीजिए।’उन्होंने कहा कि परिसीमन पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए, इसमें छोटे राज्यों और बड़े राज्यों का संतुलन होना चाहिए, तमिलनाडु तथा केरल जैसे जनसंख्या नियंत्रण करने वाले राज्यों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
थरूर ने यह भी कहा कि एक तरफ संसद में बैठक के दिन कम होते जा रहे हैं, वहीं जब सदन में 850 सांसद होंगे तो आसन को भी कार्यवाही संचालित करने में और सभी सदस्यों को पर्याप्त अवसर देने में कठिनाई होगी। उन्होंने इन विधेयकों को संयुक्त संसदीय समिति को भेजने की मांग सरकार से की।
