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आपको भी चाहिए राहुल गांधी से सफेद टी-शर्ट? कांग्रेस नेता ने वीडियो जारी कर बताया इसके लिए क्या करना होगा

Rahul Gandhi: राहुल गांधी ने कहा, मुझसे अक्सर पूछा जाता है कि मैं हमेशा 'सफेद टी-शर्ट' क्यों पहनता हूं? यह टी-शर्ट मेरे लिए पारदर्शिता, दृढ़ता और सरलता का प्रतीक है। इसके साथ ही राहुल ने अपने समर्थकों से पूछा कि आपके जीवन में ये मूल्य कहां और कितने उपयोगी हैं।

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Rahul Gandhi

Photo : Twitter

Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार यानी 19 जून को अपना 54वां जन्मदिन मनाया। इस मौके पर उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपने शुभकामनाओं के लिए सभी का धन्यवाद भी दिया। इसके साथ ही राहुल गांधी ने वीडियो में बताया कि वह हर वक्त सफेर टी-शर्ट ही क्यों पहनते हैं। इसके साथ ही उन्होंने टी-शर्ट गिफ्ट करने का ऐलान कर दिया। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, जन्मदिन की शुभकामनाओं के लिए सभी का दिल से धन्यवाद।

राहुल गांधी का ने आगे कहा कि वह अक्सर सफेद टी शर्ट पहनते हैं और इस टी-शर्ट को पहनने का कारण यह है कि सफेद टी शर्ट उनके लिए सरलता का प्रतीक है। बुधवार शाम राहुल गांधी ने कहा, मुझसे अक्सर पूछा जाता है कि मैं हमेशा 'सफेद टी-शर्ट' क्यों पहनता हूं? यह टी-शर्ट मेरे लिए पारदर्शिता, दृढ़ता और सरलता का प्रतीक है। इसके साथ ही राहुल ने अपने समर्थकों से पूछा कि आपके जीवन में ये मूल्य कहां और कितने उपयोगी हैं। उन्होंने कहा सफेद टी-शर्ट इस्तेमाल कर मुझे एक वीडियो में बताएं, मैं आपको एक सफेद टी-शर्ट गिफ्ट करूंगा।

कांग्रेस मुख्यालय में काटा केक

जन्मदिन के अवसर पर राहुल गांधी ने पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की उपस्थिति में केक भी काटा और कांग्रेस अध्यक्ष, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल व अन्य नेताओं को केक खिलाया। राहुल गांधी के जन्मदिन पर ही कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के दौरान विभिन्न राज्यों में हुई हार के कारणों की पड़ताल भी शुरू की है। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में देश के कई राज्यों में कांग्रेस को जबरदस्त हार का सामना करना पड़ा। दिल्ली, हिमाचल, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में तो कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल सका। यही कारण है कि कांग्रेस ने मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़, ओडिशा, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक व तेलंगाना जैसे राज्यों में मिली हार का कारण ढूंढना शुरू कर दिया है।

फैक्ट फाइंडिंग कमेटियों का गठन

इन राज्यों में हार के कारण ढूंढने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटियों का गठन किया है। खड़गे ने बुधवार को 6 कमेटियों के गठन को मंजूरी दी है। ये कमेटियां इन राज्यों में जाकर हार के कारणों को ढूंढेंगी। इस प्रक्रिया में स्थानीय कांग्रेस नेताओं से भी उनकी राय ली जाएगी। सभी से बात करने के उपरांत हार के कारणों की रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपी जाएगी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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