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सही गलत से मतलब नहीं, हमारी जाति का है, इसलिए हम करेंगे सपोर्ट

  • Agency by: Agency
  • Updated Sep 19, 2022, 06:26 PM IST

नोएडा के सेक्टर 93 में स्तिथ ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी में श्रीकांत त्यागी नाम के व्यक्ति ने एक महिला के साथ अभद्रता की। उसके बाद पुलिस ने उसे गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद त्यागी समाज ने श्रीकांत के समर्थन में महापंचाय बुलाई। सवाल यह उठता है कि समाज के लोगों को सही और गलत का फर्क समझ में नहीं आता।

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श्रीकांत त्यागी के समर्थन में उतरे त्यागी समाज के लोग

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  1. भारतीय समाज बदल रहा है।
  2. लोग अपनी जाति के असामजिक तत्व के समर्थन में भी खुलकर सामने आ रहे है।
  3. क्या अब लोगों को कानून पर से भरोसा उठ गया है?

भारत में न केवल अनेक धर्मों के लोग रहते हैं। बल्कि उन धर्मों के भीतर भी कई जातियां हैं। हिंदू धर्म की आबादी सबसे अधिक है। पूरे देश भर में हिंदू धर्म में सैकड़ों जातियां हैं। इन जातियों के बीच अक्सर तनाव की खबरें आती रहती है। अपनी अपनी जातियों के हितों के लिए लोग गोलबंद होते रहे हैं। फिर भी सही और गलत क्या है? इसकी पहचान होती रही है। अगर किसी जाति से कोई गलत कर रहा है तो उसका समर्थन ना के बराबर होता रहा है। यही सभ्य समाज की पहचान होती है। लेकिन धीरे-धीरे समाज के इस ताने बाने में बदलाव होता जा रहा है। लेकिन यह अच्छाई की ओर नहीं जा रहा है बल्कि इसमें विकृतियां आती जा रही है। लोग अपनी जाति के असामजिक तत्व के समर्थन में भी खुलकर खड़े हो रहे हैं। उनके लिए अपनी जाति का सम्मेलन कर रहे हैं, महापंचायत बुला रहे हैं। हालांकि ऐसा एक दिन में नहीं हुआ। इसकी नींव कई दशकों पहले रखी गई थी। हाल का उदाहरण उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के नोएडा का है। श्रीकांत त्यागी नाम के एक व्यक्ति ने 5 अगस्त 2022 को नोएडा के सेक्टर 93 में स्थित ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी में एक महिला के साथ अभद्रता की। जिसका वीडियो सामने आया। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।

नोएडा पुलिस ने श्रीकांत त्यागी पर गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। कुछ दिनों बाद उसे गिरफ्तार किया गया। इसके बाद ये मामला जातीय रंग ले लिया। श्रीकांत त्यागी समर्थन में नोएडा सेक्टर 110 के रामलीला मैदान में 21 अगस्त 2022 को त्यागी समाज ने महापंचायत की। प्रशासन को ही अल्टीमेटम दे दिया। इतना ही नहीं इस मामले में जमानत पर जेल से बाहर आने वाले 6 अन्य आरोपियों को मंच पर बुलाकर सम्मानित भी किया गया। ये सभी आरोपी श्रीकांत शर्मा की पत्नी के सपोर्ट में ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी में घुसकर हंगामा किया था।

महापंचायत में त्यागी समाज के लोगों ने श्रीकांत त्यागी के ऊपर लगाए गए गैंगस्टर एक्ट के खिलाफ आवाज बुलंद की। इन्हें सही गलत से मतबल नहीं है। इन लोगों ने मंच पर खड़े होकर ने नोएडा पुलिस और यहां के सांसद महेश शर्मा के खिलाफ भी जमकर आग उगली। उन्होंने कहा कि श्रीकांत के ऊपर गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज केस वापस लिया जाए। इसके लिए नोएडा कलेक्टर को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया। नोएडा के गेझा गांव में हुई इस महापंचायत में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों जैसे गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ से समुदाय के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। यहा कहा गया कि अन्य राज्यों से भी लोग इस महापंचायत में शामिल हुए।

दूसरी ओर ग्रैंड ओमेक्स सोसायटी के लोगों ने त्यागी के खिलाफ मौन विरोध किया। सोसायटी के अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन की महासचिव महिमा जोशी ने कहा कि श्रीकांत त्यागी ने सोसाइटी में रहने वाली एक महिला के साथ जिस तरह से बदसलूकी की वह क्षम्य नहीं है। उन्होंने कहा कि सोसायटी के लोगों ने अपने फ्लैट में जगह-जगह पोस्टर लगाकर विरोध दर्ज कराया, इन पोस्टर में एकजुट रेजिडेंन्स हम अन्याय के खिलाफ हैं, उत्पीड़न, दबंगई, महिलाओं का अपमान, गाली गलौज, अतिक्रमण को हम ना बोलते हैं, जैसे नारे लिखे हुए हैं।

अब सवाल उठता है कि देश में संविधान है। कानून है। हर किसी को उसके उसके अनुसार चलना चाहिए। अगर आप पर कार्रवाई होती है तो आपके लिए अदालत के दरवाजे खुले हुए हैं। आप भी अपने बचाव में दलील पेश कर सकते हैं। अगर आप गलत नहीं है तो आप बरी हो जाएंगे। लेकिन इसके इतर आप अपनी जाति या रूतबा के जरिए प्रशासन पर दबाव बनाना चाहते हैं तो यह देश संविधान और कानून का उल्लंघन है। देश में हर किसी को स्वतंत्रता और सम्मान से जीने का अधिकार है।

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