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बंगाल में गांधी पर होगा रोजगार गारंटी कार्यक्रम का नाम; 'जी राम जी' विवाद के बीच ममता बनर्जी का ऐलान

Karmashree Scheme: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 20 साल पुराने मनरेगा का नाम बदलकर ‘विकसित भारत-जी राम योजना करने के कदम को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुझे शर्म महसूस होती है कि उन्होंने मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने का फैसला किया है, क्योंकि मैं भी इसी देश की हूं।

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फोटो साभार: PTI)

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Karmashree Scheme: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 20 साल पुराने मनरेगा का नाम बदलकर ‘विकसित भारत-जी राम योजना करने के कदम को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार अपने ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम का नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखेगी।

CM ममता ने क्या कुछ कहा?

बनर्जी ने कोलकाता में आयोजित एक व्यापार और उद्योग सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि अगर कुछ राजनीतिक दल हमारे राष्ट्रीय महापुरुषों का सम्मान करने में विफल रहते हैं, तो वह हम करेंगे। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर भाजपा का नाम नहीं लिया।बनर्जी की ओर से यह घोषणा ऐसे समय आयी जब लोकसभा ने ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ पारित कर दिया जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का स्थान लेगा।

बनर्जी ने धन धान्य सभागार में आयोजित कारोबारी बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मुझे शर्म महसूस होती है कि उन्होंने मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने का फैसला किया है, क्योंकि मैं भी इसी देश की हूं। अब हम राष्ट्रपिता तक को भूला रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब हम अपने राज्य की ‘कर्मश्री’ योजना का नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखेंगे।’’

क्या है बंगाल की कर्मश्री योजना?

‘कर्मश्री’ योजना के तहत राज्य सरकार का दावा है कि लाभार्थियों को 75 दिनों तक काम उपलब्ध कराया जाता है, जबकि बनर्जी के अनुसार केंद्र सरकार ने मनरेगा के तहत धनराशि रोक रखी है। मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा कि राज्य का लक्ष्य भविष्य में ‘कर्मश्री’ योजना के तहत कार्यदिवसों की संख्या बढ़ाकर 100 करने का है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने ‘कर्मश्री’ के तहत पहले ही अपने संसाधनों से कई कार्यदिवस सृजित किए हैं। भले ही केंद्र की निधि रोक दी जाए, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि लोगों को काम मिले। हम भिखारी नहीं हैं।’’

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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