देश

अमित शाह के बिहार दौरे पर नीतीश की दो टूक, कहा- कोई आए या जाए हमको फर्क नहीं पड़ता है

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 11, 2022, 11:30 PM IST

Nitish Kumar: रिपोर्ट्स के मुताबिक अमित शाह ने बीजेपी कार्यकर्ताओं का मनोबल को बढ़ाने के लिए हर महीने बिहार का दौरा करने की कसम खाई है। इससे पहले दिन में अमित शाह ने कहा कि जो लोग खुद को जयप्रकाश नारायण के शिष्य होने का दावा करते हैं, उन्होंने बिहार में महागठबंधन सरकार पर एक स्पष्ट कटाक्ष करते हुए अपनी समाजवादी विचारधारा का त्याग किया है।

Image

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह।

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  1. अमित शाह के बिहार दौरे पर सीएम नीतीश कुमार की दो टूक
  2. कोई आए या जाए हमको फर्क नहीं पड़ता है- नीतीश कुमार
  3. जयप्रकाश नारायण के पैतृक गांव में उनकी 5 फुट ऊंची प्रतिमा का शाह ने किया अनावरण

Nitish Kumar: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने मंगलवार को बिहार के सारण जिला में स्थित दिग्गज समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण के पैतृक गांव सीताब दियारा में उनकी 15 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। वहीं अमित शाह के दौरे पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि उन्हें ये प्रभावित नहीं करता है।

JP के पैतृक गांव में उनकी 5 फुट ऊंची प्रतिमा का शाह ने किया अनावरण

वहीं पत्रकारों की ओर से पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लगता है कि अमित शाह का दौरा जेपी की विरासत को हथियाने का एक प्रयास था, इस पर नीतीश कुमार ने चुटकी लेते हुए कहा कि कोई आए या जाए हमको कोई फर्क नहीं पड़ता है। अमित शाह के साथ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानथ ने भी सीताब दियारा का दौरा किया। एक महीने से भी कम समय में केंद्रीय गृह मंत्री की बिहार की ये दूसरी यात्रा है।

कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए हर महीने बिहार का दौरा करेंगे अमित शाह

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमित शाह बीजेपी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए हर महीने बिहार (Bihar) का दौरा करेंगे। इससे पहले दिन में अमित शाह ने कहा कि जो लोग खुद को जयप्रकाश नारायण के शिष्य होने का दावा करते हैं, उन्होंने बिहार में महागठबंधन सरकार पर एक स्पष्ट कटाक्ष करते हुए अपनी समाजवादी विचारधारा का त्याग किया है।

अमित शाह ने नीतीश कुमार की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह सत्ता के भूखे हैं और सत्ता के लिए उन्होंने जेपी की विचारधाराओं का त्याग किया और कांग्रेस से हाथ मिला लिया। उनका जेपी की विचारधाराओं से कोई लेना-देना नहीं है। साथ ही कहा कि केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समाज के गरीब और कमजोर वर्गों के लिए काम कर रहे हैं। यही कारण है कि केंद्र ने 'अंत्योदय अन्न योजना' और उज्ज्वला योजना शुरू की।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें