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दिल्ली में पानी की पाइपलाइन की सुरक्षा करेगी पुलिस! आतिशी बोलीं- जलसंकट के बीच हो रही गहरी साजिश

Delhi Water Crisis: दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने दावा किया है कि दिल्ली में जलसंकट को बढ़ाने के लिए पानी की पाइपलाइन काटने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने इस बाबत दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा को पत्र भी लिखा है। उन्होंने कहा है कि अगले 15 दिनों के लिए प्रमुख पाइपलाइनों की गश्ती के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए।

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दिल्ली जल संकट

Photo : Twitter

Delhi Water Crisis: राजधानी दिल्ली में जलसंकट बरकरार है। यहां कई इलाकों में पीने से लेकर नहाने तक के पानी की कमी हो गई है, पानी के टैंकरों को लेकर घमासान मचा हुआ है और पब्लिक मारामारी पर अमादा है। इस बीच दिल्ली में पानी को लेकर गहरी साजिश सामने आई है। दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने दावा किया है कि दिल्ली में जलसंकट को बढ़ाने के लिए पानी की पाइपलाइन काटने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने इस बाबत दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा को पत्र भी लिखा है।

आतिशी की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि मैं अगले 15 दिनों के लिए हमारी प्रमुख पाइपलाइनों की सुरक्षा और गश्त के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती का अनुरोध कर रही हूं, ताकि शरारती तत्वों या गलत मंशा वाले लोगों को पानी की पाइपलाइनों से छेड़छाड़ करने से रोका जा सके। इस समय कोई भी गड़बड़ी और तोड़फोड़ दिल्ली के लोगों के सामने पहले से ही मौजूद पानी की किल्लत को और बढ़ा देगी।

परेशानी बढ़ाने के लिए हो रही साजिश

आम आदमी पार्टी सरकार में मंत्री आतिशी ने दावा किया कि दिल्ली में पानी की परेशानी बढ़ाने के लिए साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा, यहां प्रमुख पाइपलाइनों को काटा जा रहा है। दिल्ली जल बोर्ड की पेट्रोलिंग टीम को शनिवार को साउथ दिल्ली राइजिंग मेन पाइपलाइन में गढ़ी मेंडू ट्रांसफार्मर के पास बड़ी लीकेज मिली। जांच पर पता चला कि 375 एमएम के 5 बोल्ट और 12 इंच का एक बोल्ट किसी ने काटा था। ऐसा लग रहा है कि दिल्ली में पानी की परेशानी बढ़ाने के लिए षड्यंत्र हो रहा है। उन्होंने कहा, दिल्ली की जीवनरेखा बन चुकी इन पाइपलाइनकों को काटने या इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या फिर तोड़फोड़ जल संकट की समस्या को और बढ़ा देगी।

साउथ दिल्ली में 25 प्रतिशत पानी की आज कमी

आतिशी ने कहा, इस पाइपलाइन रिपेयर करने में दिल्ली जल बोर्ड को छह घंटे लगे। शाम चार बजे से रात 10 बजे तक रिपेयर चला। इस दौरान साउथ दिल्ली की पानी की आपूर्ति बंद करनी पड़ी। इसका नतीजा है कि तकरीबन 25 प्रतिशत कम पानी आज साउथ दिल्ली पहुंचा। उन्होंने सवाल किया, ये कौन लोग हैं जो दिल्ली की पानी की व्यवस्था बिगाड़ने का षड्यंत्र कर रहे हैं?

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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