Waqf Amendment Bill 2025 : करीब 12 घंटे की लंबी बहस और चर्चा के बाद वक्फ संशोधन विधेयक राज्यसभा से भी पारित हो गया। बिल पर सत्ता पक्ष और विपक्ष की चर्चा आधी रात के बाद तक चली। चर्चा के बाद हुए मतविभाजन के बाद सांसद जब संसद से निकले तो सुबह के चार बज गए थे। संसद के दोनों सदनों से पारित हो जाने के बाद वक्फ बिल अब कानून बन जाएगा। बिल के पारित हो जाने के बाद विपक्ष के सांसदों ने कहा कि विधेयक रोकने के लिए उनके पास जरूरी आंकड़े नहीं थे लेकिन बहस के दौरान उन्होंने अपनी बात और विचार रखे। आगे वह इस विधेयक के खिलाफ अपना संवैधानिक और कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।
कहीं कृषि कानून जैसा न हो हश्र-मनोज झा
राज्यसभा में वक्फ विधेयक पारित होने के बाद संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने कहा कि इस संसद में जब कृषि कानून पारित हुए तो विपक्ष ने सरकार का सार्थक सहयोग किया। अच्छी बहस हुई लेकिन केवल संख्या बल के आधार पर अपनी बात मनवाना सही नहीं है। वक्फ बिल को लेकर लोगों के मन में कई तरह से संदेह हैं। यदि ये संदेह दूर नहीं हुए तो वक्फ विधयेक का हश्र भी कृषि कानूनों जैसा हो सकता है।
सिब्बल बोले-बंटवारे की राजनीति देश का नुकसान करेगी
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि बिल के समर्थन में 128 और इसके खिलाफ 95 वोट पड़े। दोनों सदनों में वक्फ विधेयक पारित हो गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों सदनों में एनडीए बहुमत में है। हालांकि, विपक्ष ने मजबूती से इस विधेयक का विरोध किया। अब इसका राजनीतिक असर देखने को मिलेगा। खासकर वे पार्टियां जिन्होंने इस बिल पर भाजपा का समर्थन किया है, उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। बिहार में चुनाव होने जा रहा है। बंटवारे की राजनीति देश का नुकसान करेगी।
इस विधेयक को चुनौती दी जा सकती है-सिंघवी
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि राज्यसभा में भी सत्तारूढ़ दल के पास बहुमत था, इसलिए यह विधेयक उच्च सदन से पारित हो गया। बहस के दौरान विपक्ष ने अपनी बात रखी और बिल पर चर्चा हुई। कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सत्ता पक्ष ने अपने बहुमत का गलत तरीके से इस्तेमाल किया, यह बिल थोपा गया है। यदि इस विधेयक को चुनौती दी जाती है तो इसकी उम्मीद बहुत ज्यादा है कि न्यायपालिका इस बिल को असंवैधानिक बता देगी।
