देश

Train Waiting List : ट्रेनों में जल्द खत्म होगा वेटिंग लिस्ट का झंझट, भारतीय रेलवे ने किया साहसिक ऐलान

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Nov 17, 2023, 11:45 AM IST

Train Waiting List : रेल मंत्रालय ने अगले 4-5 वर्षों में ट्रेनों में बर्थ के लिए प्रतीक्षा सूची (Waiting Lists) को पूरी तरह खत्म करने का ऐलान किया।

Image

चार-पांच सालों में ट्रेनों नहीं होगी वेटिंग लिस्ट

Train Waiting List : भारतीय रेलवे ने साहसिक और सराहनीय फैसला लिया है। रेल मंत्रालय ने ऐलान किया कि अगले 4-5 वर्षों में ट्रेनों में बर्थ के लिए प्रतीक्षा सूची (Waiting Lists) को पूरी तरह खत्म कर देगा। मंत्रालय ने अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य की घोषणा की है। मंत्रालय के सूत्रों ने खासकर जेनरल और स्लीपर श्रेणी के कोचों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक योजना का खुलासा किया। सूत्रों ने कहा कि अप्रैल से अक्टूबर 2023 तक का डेटा यात्री डिटेल में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है।

जनरल और स्लीपर क्लास समेत गैर-एसी डिब्बों में कुल यात्रियों का 95.3% यानी कुल 372 करोड़ यात्री सवार हुए। यह पिछले वर्ष की तुलना में 38 करोड़ यात्रियों की पर्याप्त वृद्धि को दर्शाता है। सस्ते यात्रा विकल्पों के लिए बढ़ती प्राथमिकता पर जोर देता है। सूत्रों ने आगे कहा कि इसके विपरीत एसी कोचों में कुल यात्रियों में से 4.7% को समायोजित किया गया। कुल 18.2 करोड़ यात्रियों को बर्थ मिले। खासकर यह पिछले वर्ष की तुलना में 3.1 करोड़ यात्रियों की उल्लेखनीय बढ़ोतरी को दर्शाता है।

रेल यात्रियों की संख्या में कुल वृद्धि 41.1 करोड़ हो गई। गैर-एसी यात्रियों (जनरेल और स्लीपर क्लास) में 92.5% की वृद्धि हुई। यह बदलाव अधिक बजट-अनुकूल यात्रा विकल्पों के प्रति यात्रियों की प्राथमिकताओं में बदलते रुझान को रेखांकित करता है। सूत्रों ने बताया कि इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भारतीय रेलवे ने अपनी सेवाओं में काफी विस्तार किया है। कोविड से पहले के दिनों की तुलना में अतिरिक्त 562 ट्रेनें अब भारतीय रेलवे नेटवर्क पर दैनिक आधार पर परिचालन कर रही हैं।

इस विस्तार में विभिन्न श्रेणियां शामिल हैं। मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या 1,768 से बढ़कर 2,122 हो गई है, उपनगरीय ट्रेनों की संख्या 5,626 से बढ़कर 5,774 हो गई है और यात्री ट्रेनों की संख्या 2,792 से बढ़कर 2,852 हो गई है, जिसके परिणामस्वरूप प्रत्येक दिन कुल 10,748 ट्रेनें चल रही हैं।

रेल मंत्रालय का यह एक्टिव दृष्टिकोण न केवल मांग में मौजूदा वृद्धि को संबोधित करता है। बल्कि एक ऐसे भविष्य को प्राप्त करने के लिए आधार भी तैयार करता है। जहां वेटिंग लिस्ट अतीत की बात बन जाएगी, जिससे लाखों यात्रियों के लिए एक सहज और अधिक कुशल यात्रा अनुभव सुनिश्चित होगा।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article