पंजाब में कांग्रेस के अंदर टकराव अभी थमा नहीं है। कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले नवजोत सिंह सिद्धू अब पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष हैं, लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ सब कुछ ठीक नहीं है, वो ऐसे बयान देते हैं जो कैप्टन सरकार के साथ खुद अमरिंदर सिंह के लिए असहज हो जाते हैं। इन सबके बीच खबर यह है कि कांग्रेस के 80 विधायकों में से 34 अमरिंदर सिंह के खिलाफ हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ये विधायक अमरिंदर सिंह की सरकार से छुट्टी चाहते हैं। अमरिंदर सिंह के खिलाफ बागी विधायकों का कहना है कि अब उनमें भरोसा नहीं रहा।
कैप्टन के खिलाफ मोर्चा
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा के आधिकारिक निवास पर विधायकों की बैठक हुई थी जिससे सिद्धू और चार वर्किंग प्रेसीडेंट ने दूरी बनाए रखी, हालांकि बाद में बाजवा के घर में हुई बैठक में शामिल कुछ विधायक कांग्रेस मुख्यालय पर जाकर सिद्धू से मुलाकात की। इन सबके बीच बैठक में मौजूद दूसरे मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी के साथ साथ नवजोत सिंह सिद्धू के खासमखास और महासचिव परगट सिंह देहरादून जाकर राज्य प्रभारी हरीश रावत से मुलाकात करेंगे।
चन्नी ने कहा कि उनके साथ साथ बाजवा, सुखजिंदर सिंह रंधावा, और सुखबिंदर सिंह सरकारिया प्रतिनिधि मंडल का हिस्सा होंगे। ये बात अलग है कि तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा के घर पर विधायकों की बैठक के संबंध में सीएम ऑफिस ने बताया कि 20 में सात विधायकों ने खुद को बैठक से दूर कर लिया।
क्या वास्तव में कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं विधायक, एक नजर
- Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
- Updated Aug 25, 2021, 10:20 AM IST
क्या पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की कुर्सी खतरे में हैं, बताया जा रहा है कि 34 विधायकों ने उनके खिलाफ अभियान छेड़ा है हालांकि सीएम ऑफिस ने इस तरह की खबरों का खंडन किया है।
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