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चक्रवात 'अर्नब' का तांडव! आंध्र प्रदेश में 5 लोगों की मौत, फसलों को नुकसान, ओडिशा में भारी बारिश का कहर

चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी तबाही मचाई। आंध्र प्रदेश में तूफान से जुड़ी घटनाओं में पांच लोगों की मौत हुई। वहीं ओडिशा में 43,827 लोगों को राहत केंद्रों में पहुंचाया गया।

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सांकेतिक फोटो

Cyclone Arnab: चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी तबाही मचाई है। आंध्र प्रदेश में तूफान से जुड़ी घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई जिलों में पेड़, बिजली के खंभे उखड़ गए और सड़कें जलमग्न हो गईं। वहीं, ओडिशा के दक्षिणी जिलों तूफान के प्रभाव से भारी से अत्यधिक भारी बारिश हुई। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दावा किया है कि अग्रिम तैयारियों और समय पर लोगों को सुरक्षित निकालने के कारण राज्य में 'शून्य जनहानि' का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, अर्नब ने बुधवार सुबह करीब 2 बजे से 8 बजे के बीच आंध्र प्रदेश और यनम तट को पार किया। इस दौरान तूफान की अधिकतम निरंतर हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा थी। बाद में यह कमजोर होकर गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया। बुधवार रात जारी बुलेटिन के अनुसार, इसके आगे उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होने का अनुमान था।

आंध्र प्रदेश में पांच लोगों की मौत, फसलों को नुकसान

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि विशाखापट्टनम, अनकापल्ली और अन्य इलाकों में बिजली के तारों की चपेट में आने, बिजली का खंभा गिरने, पेड़ उखड़ने और दीवार गिरने जैसी घटनाओं में पांच लोगों की जान गई। तूफान से 10 से अधिक जिलों के सैकड़ों गांव प्रभावित हुए। कई स्थानों पर 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई।

नायडू के मुताबिक, डॉ. बीआर अंबेडकर कोनसीमा और पश्चिम गोदावरी जिलों में करीब 50 हजार पेड़ तूफान के कारण उखड़ गए, जिनमें कोनसीमा के 33 हजार नारियल के पेड़ शामिल हैं। हजारों एकड़ में धान और अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंचा। करीब 15 हजार बिजली के खंभे उखड़ गए। मुख्यमंत्री ने केंद्र से नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम भेजने की मांग की है। प्रभावित परिवारों को चावल, खाद्य सामग्री और आर्थिक मदद देने की भी घोषणा की गई है।

ओडिशा में 43 हजार से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया कि राज्य में 43,827 लोगों को 634 राहत केंद्रों में सुरक्षित पहुंचाया गया है। कुल 2,037 राहत केंद्र तैयार रखे गए थे। आठ मंत्री और सात वरिष्ठ IAS अधिकारी प्रभावित जिलों में स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। तूफान के असर से पेड़ और बिजली के खंभे उखड़े, सड़कें जलमग्न हुईं और भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं।

तूफान के प्रभाव से ओडिशा के गजपति जिले में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। महेंद्रगढ़ में 249.9 मिलीमीटर, कोरापुट के पोट्टांगी में 188 मिलीमीटर और गजपति के मोहना में 168.8 मिलीमीटर बारिश हुई। IMD ने गजपति, गंजाम, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और नबरंगपुर में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया। राज्य के 16 जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहे। रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं और पूर्वी तट पर 50 से अधिक ट्रेनें रद्द की गईं। प्रशासन अब राहत वितरण, नुकसान के आकलन और सामान्य स्थिति बहाल करने पर ध्यान दे रहा है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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