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'निराशाजनक फैसला...', मालेगांव विस्फोट मामले में विपक्ष ने उठाया सवाल, पूछा- क्या फैसले को चुनौती देगी सरकार

Malegaon Blast Case: महाराष्ट्र की एक विशेष अदालत ने मालेगांव में 2008 के बम विस्फोट मामले में सभी सातों आरोपियों को बरी कर दिया। इस मामले में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की प्रतिक्रियाएं सामने आई। एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने फैसले को निराशाजनक बताया तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने टाइमिंग पर सवाल उठाया।

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एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (बाएं) और सपा प्रमुख अखिलेश यादव (दाएं)

Malegaon Blast Case: महाराष्ट्र की एक विशेष अदालत ने मालेगांव में 2008 के बम विस्फोट मामले में सभी सातों आरोपियों को बरी कर दिया। इस मामले में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की प्रतिक्रियाएं सामने आई। भाजपा ने ऐतिहासिक दिन करार दिया तो विपक्ष ने फैसले को निराशाजनक बताया। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया कि विस्फोट में छह नमाजी मारे गए और लगभग 100 लोग घायल हुए थे।

ओवैसी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''मालेगांव विस्फोट मामले का फैसला निराशाजनक है। विस्फोट में छह नमाजी मारे गए और लगभग 100 लोग घायल हुए थे। उन्हें उनके धर्म की वजह से निशाना बनाया गया था। जानबूझकर की गई घटिया जांच/अभियोजन पक्ष ही बरी होने के लिए जिम्मेदार है।

ओवैसी ने क्या कुछ कहा?

उन्होंने कहा कि विस्फोट के 17 साल बाद अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। क्या मोदी सरकार और फडणवीस सरकार इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगी? जिस तरह उन्होंने मुंबई ट्रेन विस्फोटों में आरोपियों को बरी करने पर रोक लगाने की मांग की थी। क्या महाराष्ट्र के धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दल जवाबदेही की मांग करेंगे? उन छह लोगों की हत्या किसने की?

ओवैसी ने रोहिणी सालियान के एक वक्तव्य का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि याद कीजिए, 2016 में मामले की तत्कालीन अभियोजक रोहिणी सालियान ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि एनआईए ने उनसे आरोपियों के प्रति "नरम रुख" अपनाने को कहा था। 2017 में एनआईए ने साध्वी प्रज्ञा को बरी करवाने की कोशिश की थी, जो 2019 में भाजपा सांसद बनीं।

ओवैसी ने करकरे का किया जिक्र

उन्होंने कहा कि हेमंत करकरे ने मालेगांव में हुई साजिश का पर्दाफाश किया था और दुर्भाग्य से 26/11 के हमलों में पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा मारे गए थे। भाजपा सांसद ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्होंने करकरे को श्राप दिया था और उनकी मृत्यु उसी श्राप का परिणाम थी। ओवैसी ने कहा कि क्या एनआईए/एटीएस अधिकारियों को उनकी दोषपूर्ण जांच के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा? मुझे लगता है कि हम इसका उत्तर जानते हैं। यह "आतंकवाद के विरुद्ध कठोर" मोदी सरकार है। दुनिया याद रखेगी कि इसने एक आतंकवाद के आरोपी को सांसद बनाया।

अखिलेश ने टाइमिंग पर उठाया सवाल

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने फैसले की टाइमिंग पर सवाल उठाया। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अखिलेश यादव ने पूछा कि क्या मालेगांव विस्फोट मामले के आरोपियों को बरी करने की खबर का उद्देश्य ट्रंप टैरिफ की बड़ी खबर को दबाना था। उन्होंने कहा, ''मैंने रिपोर्ट नहीं पढ़ी, लेकिन इतनी बड़ी घटना में शामिल आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए। अमेरिका में इतनी बड़ी घटना हुई, क्या यह खबर उसे दबाने के लिए हैं? टैरिफ एक बड़ा सवाल है।''

'आतंकवाद को किसी धर्म से नहीं ना जोड़ें'

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि आतंकवाद को किसी भी धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए और कोई भी आस्था हिंसा का समर्थन नहीं करती। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस सांसद ने कहा कि चरमपंथी वे लोग होते हैं जो नफरत फैलाने के लिए धर्म को विकृत करते हैं। दिग्विज सिंह ने अदालत के फैसले के बाद संसद परिसर में कहा, ‘‘न तो कोई हिंदू आतंकवादी हो सकता है, न ही कोई मुसलमान, सिख या ईसाई। हर धर्म प्रेम, सद्भावना, सत्य और अहिंसा का प्रतीक है।’’

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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