Rakesh Dhar Tripathi: प्रयागराज की एमपी-एमएलए अदालत ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी को आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी करार देते हुए शुक्रवार को तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और उनपर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। हालांकि, बाद में उन्हें जमानत मिल गई।
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गुलाब चन्द्र अग्रहरि ने बताया कि एमपी-एमएलए अदालत के अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश चंद्र शुक्ल ने त्रिपाठी को आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी करार देते हुए तीन वर्ष की सजा सुनाई है और उन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। उन्होंने बताया कि हालांकि अदालत ने त्रिपाठी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। त्रिपाठी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला मुट्ठीगंज थाने में 18 जून, 2013 को दर्ज किया गया था।
आय से अधिक मिली थी संपत्ति
अग्रहरि ने बताया कि जांच में पाया गया कि त्रिपाठी और उनके आश्रितों की ज्ञात और वैध स्रोतों से कुल आय 45.82 लाख रुपये के करीब थी, जबकि व्यय राशि एक करोड़ 81 लाख 20 हजार रुपये के करीब थी। उन्होंने बताया कि इस मामले में कुल 33 गवाह पेश हुए। त्रिपाठी मई, 2007 से दिसंबर, 2011 तक उत्तर प्रदेश में बसपा की सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री थे।
2022 में लड़ा था विधानसभा चुनाव
राकेश धर त्रिपाठी ने 2022 में अपना दल सोनेलाल के चुनाव चिह्न से विधानसभा चुनाव लड़ा था। वे प्रयागराज की प्रतापपुर सीट से चुनावी मैदान में उतरे थे। हालांकि, उन्हें हार मिली थी। राकेश धर त्रिपाठी की गिनती कभी बसपा के कद्दावर नेताओं में होती थी और वे मायावती के करीबी नेताओं में गिने जाते थे।
