Uttar Pradesh Politics: समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया और उत्तर प्रदेश (यूपी) के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ जुबानी हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि ये लोग आने वाले समय में वोट का अधिकार भी लोगों से छीन लेंगे। उन्होंने इस बात के साथ रामपुर और मैनपुरी में उपचुनाव के दौरान की स्थिति का हल्का सा जिक्र किया और पूछा कि आप लोगों ने नहीं देखा कि वहां क्या हुआ? रविवार (18 दिसंबर, 2022) को उन्होंने पत्रकारों से कहा- आप इस चक्कर में मत पड़ो। बीजेपी और उसके लिए कौन काम कर रहा है...वह कभी भी संविधान के पक्ष में नहीं रही। वह अंबेडकर के जरिए हमें मिले अधिकारों के पक्ष में नहीं है।
उनके मुताबिक, महंगाई चरम सीमा पर है। आपकी बेरोजगारी चरम सीमा पर है। अभी न्याय नहीं मिल रहा है। देखना बहुत दिनों के बाद आपके वोट डालने का अधिकार भी छीन लेंगे। क्या रामपुर और मैनपुरी में आपने नहीं देखा कि वहां कितनी फौज लगाई गई थी? उन्होंने आगे यह भी कहा कि हम बधाई देना चाहते हैं जनता और प्रेस के साथियों को, जिन्होंने समय समय पर सरकार के खिलाफ और सच्ची खबरें दिखाईं।
'BJP को वोट चाहिए तो...'
वैसे इससे पहले भी अखिलेश ने बीजेपी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि बीजेपी को जनता का वोट चाहिए तो वह मुफ्त में राशन-तेल, चना और नमक दे देती है, पर वोट पाकर ये सब फायदे गायब हो जाते हैं। मैनपुरी और खतौली में हालिया उपचुनाव में भाजपा की हार का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा था कि भगवा पार्टी को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने रामपुर में "घोर बेईमानी" का सहारा लिया और चुनाव परिणामों को अपने पक्ष में कर लिया।
चाचा पर जता चुके हैं भरोसा!
सपा प्रमुख ने यह भी कहा था कि वह और चाचा शिवपाल सिंह यादव भविष्य में एक साथ चुनाव लड़ेंगे। साथ ही अधिक प्रभावी जीत दर्ज करेंगे। पूर्व सीएम ने कहा, ‘‘भाजपा के जब जनता से वोट चाहिए था, तब तो उसने गरीबों को मुफ्त राशन के साथ तेल, चना, रिफाइंड, गुड़, नमक आदि सब कुछ दिया, पर जब वोट मिल गया तो सब साफ हो गया और मुफ्त का राशन-पानी देना बंद कर दिया।’’ उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि कुछ अमीर दोस्तों को छोड़कर वह सभी को गरीब बनाना चाहती है और वह इन्हीं नीतियों पर काम कर रही है।
