Amazing Indians Awards 2023 : कोई एक घटना इंसान को बहुत कुछ सीखा जाती है। मंजूनाथ निंगप्पा पुजारी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने की चाहत रखने वाले मंजूनाथ की इच्छा जरूर पूरी हुई लेकिन दूसरे रूप में। मंजूनाथ ऑटो चलाते हैं लेकिन लेकिन उनका यह ऑटो सैकड़ों लोगों का जीवन बचा चुका है।
सेना में जाना चाहते थे मंजूनाथ
सेना में जाने का सपना रखने वाले मंजूनाथ को शायद यह पता नहीं होगा कि वह लोगों की सेवा करते हुए देश की सेवा ही करेंगे। एक दुर्घटना की वजह से वह सेना में भर्ती तो नहीं हो सके लेकिन उन्हें मानवता की सेवा करने का मौका मिल गया। साल 2015 में उनकी पड़ोसी गर्भवती महिला को एंबुलेस की जरूरत पड़ी और उसकी यह जरूरत ने मंजूनाथ की जिंदगी बदल दी। दरअसल, उस महिला के लिए एंबुलेंस का बंदोबस्त करने में दो घंटे का समय लगा।
एंबुलेंस नहीं खरीद पाए तो ऑटो खरीद ली
इस घटना ने मंजूनाथ को झकझोर दिया और उन्हें लगा कि जरूरतमंदों को अस्पताल पहुंचाने से बड़ा नेक काम कोई और नहीं है। उनके पास एंबुलेंस खरीदने के लिए पैसे नहीं थे तो उन्होंने एक ऑटो खरीद ली। ऑटो खरीदने के लिए पैसे कम पड़े तो उनकी मां ने अपने गहने बेच दिए। कर्नाटक के बेलगाम इलाके में कोरोना संकट के दौरान मंजूनाथ ने सैकड़ों लोगों की जिंदगिया बचाईं।
कोरोना संकट: 800 मरीजों को अस्पताल ले गए
इस माहामारी के दौरान मंजूनाथ ने अपने ऑटो से 800 मरीजों को अस्पताल पहुंचाया। इनमें 185 कोरोना मरीज थे। ऑटो रिक्शा से होने वाली कमाई को लोगों की सेवा में लगाते हैं। यही नहीं जरूरतमंदों के लिए वह 51 बार रक्तदान कर चुके हैं। मंजूनाथ चार वैक्सीन ट्रायल्स में हिस्सा ले चुके हैं। दूसरों की मदद के लिए हमेशा आगे रहने वाले मंजूनाथ की बेलगाम इलाके में काफी प्रतिष्ठा है। हर कोई इन्हें सम्मान देता है।
