देश

हो जाइए तैयार, सोमवार शाम भारत में दिखने वाला है साल का पहला 'सुपरमून'

रिपोर्ट्स के अनुसार इस साल का अगला सुपरमून 17 सितंबर को होगा। इसे हार्वेस्ट मून के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन आंशिक चंद्रग्रहण भी होगा।

Image

सोमवार को दिखेगा सुपर मून (फोटो- NASA)

KEY HIGHLIGHTS
  • चंद्रमा रविवार सुबह से बुधवार सुबह तक पूर्ण दिखाई देगा
  • नेपाल से पूर्व की ओर पूरे एशिया और ऑस्ट्रेलिया में दिखाई देगा
  • यह खगोलीय घटना, इस साल लगातार चार सुपरमून में से एक है

भारत में सोमवार को सुपरमून दिखने वाला है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मुताबिक, सितारों को देखने में दिलचस्पी रखने वालों को भारत में सोमवार को 'सुपरमून' का जबरदस्त खगोलीय नजारा देखने को मिलेगा।

कब दिखेगा सुपरमून

नासा ने कहा कि चंद्रमा रविवार सुबह से बुधवार सुबह तक पूर्ण दिखाई देगा। इसका पीक मंगलवार सुबह नेपाल से पूर्व की ओर पूरे एशिया और ऑस्ट्रेलिया में दिखाई देगा। यह खगोलीय घटना, इस साल लगातार चार सुपरमून में से एक है। भारत में 19 अगस्त की रात और 20 अगस्त की सुबह तक दिखाई देगी।

क्या होता है सुपरमून

"सुपरमून" शब्द 1979 में ज्योतिषी रिचर्ड नोले ने दिया था। यह घटना तब होती है जब नया चांद या पूर्णिमा का चांद पृथ्वी से सबसे कम दूरी के 90 प्रतिशत के भीतर होता है। पूर्ण सुपरमून साल का सबसे बड़ा और सबसे चमकीला पूर्ण चंद्रमा होने के कारण उल्लेखनीय है।

पूर्णिमा एक ब्लू मून भी

यह पूर्णिमा एक ब्लू मून भी है, क्योंकि यह चार पूर्ण चंद्रमाओं वाले सीजन में तीसरा पूर्ण चंद्र है, हालांकि यह नीला नहीं दिखाई देगा। "ब्लू मून" शब्द का पहला प्रयोग 1528 में हुआ। इसकी उत्पत्ति के बारे में कई तरह के कयास हैं। इनमें एक पुराना अंग्रेजी वाक्यांश भी शामिल है जिसका अर्थ है "विश्वासघात करने वाला चंद्रमा" या दुर्लभ वायुमंडलीय स्थितियों का संदर्भ जिनमें चंद्रमा नीला दिखाई देता है।

अगला सुपरमून कब होगा

इस साल का अगला सुपरमून 17 सितंबर को होगा। इसे हार्वेस्ट मून के नाम से भी जाना जाता है। उस दिन रात के दौरान आंशिक चंद्र ग्रहण भी होगा क्योंकि इसका एक हिस्सा पृथ्वी की छाया में चला जाएगा।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article