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तमिलनाडु में बड़ी संख्या में कौवों की मौत से हड़कंप, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अलर्ट

तमिलनाडु के कई इलाकों में बड़ी संख्या में कौवों की अचानक मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। बर्ड फ्लू की संभावित आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने हाई अलर्ट जारी करते हुए कड़े एहतियाती कदम उठाए हैं। हालात पर नियंत्रण और संक्रमण की रोकथाम के लिए पशुपालन एवं स्वास्थ्य विभाग ने दिशा-निर्देश जारी कर निगरानी बढ़ा दी है।

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तमिलनाडु में कौवों की मौत से हड़कंप (सांकेतिक फोटो)

Tamil Nadu News: शुक्रवार 6 फरवरी को तमिलनाडु के कई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कौवों की मौत की घटनाएं सामने आई हैं। इसे देखते हुए बर्ड फ्लू की संभावित आशंका को लेकर राज्य सरकार ने हाई अलर्ट जारी किया है। हालात को गंभीरता से लेते हुए पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन विभाग ने आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। राज्य के कई इलाकों में कौवों की असामान्य मौत के मामलों के बाद एवियन इन्फ्लुएंजा के संभावित फैलाव को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। बायोसिक्योरिटी से जुड़े बढ़ते खतरे को देखते हुए त्वरित कदम उठाए गए हैं। पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में राज्य के सभी पोल्ट्री किसानों और जंगली पक्षियों से जुड़े लोगों के लिए कड़े एहतियाती उपायों का पालन अनिवार्य किया गया है।

लोगों से क्या अपील की गई

सार्वजनिक स्वास्थ्य निदेशक डॉ. ए. सोमासुंदरम ने बताया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं निवारक चिकित्सा निदेशालय (DPH) ने भी अलग से एक सूचना जारी की है, जिसमें आम लोगों से सख्त सुरक्षा नियमों का पालन करने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में एवियन फ्लू के संभावित प्रसार को लेकर केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर ही यह एडवाइजरी जारी की गई है।

लक्षणों पर न करें लापरवाही

DPH ने लोगों को सलाह दी है कि यदि उन्हें खांसी, सर्दी-जुकाम, बुखार या सांस लेने में परेशानी जैसे फ्लू के लक्षण दिखाई दें, तो वे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। साथ ही, बूचड़खानों में कार्यरत कर्मचारियों तथा बीमार या मृत पक्षियों के संपर्क में आने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पशुपालन विभाग ने अपने अधिकारियों को कौवों, प्रवासी पक्षियों और व्यावसायिक पोल्ट्री में किसी भी असामान्य बीमारी या मौत की पहचान के लिए निगरानी और सतर्कता बढ़ाने को कहा है।

पशुपालन विभाग को सूचित करें

सूत्रों के अनुसार, नए दिशा-निर्देशों के तहत पशु चिकित्सा कर्मियों को मृत पक्षियों का पोस्टमॉर्टम करने से सख्त रूप से प्रतिबंधित किया गया है। इसके स्थान पर, जांच की सटीकता और संक्रमण की रोकथाम सुनिश्चित करने के लिए सभी शवों को निर्धारित क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशालाओं (Diagnostic Labs) में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। सफाई प्रक्रिया के दौरान संक्रमण फैलने से रोकने के लिए एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि मृत पक्षियों को या तो जला दिया जाए या गहराई में दफनाया जाए। अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी पक्षियों की असामान्य मौत दिखाई दे, तो तुरंत पशुपालन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके और मनुष्यों में संभावित संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके।

(इनपुट- भाषा)

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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