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स्वाति मालीवाल का छलका दर्द, बोलीं- एक गुंडे के दबाव में झुकी AAP; अब मेरे चरित्र पर उठा रही सवाल

Delhi News: अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी में इन दिनों भीषण गृहयुद्ध छिड़ गया है। स्वाति मालीवाल ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा है कि AAP एक 'गुंडे के दबाव' में झुक गई है और अब मेरे चरित्र पर सवाल उठा रही है। आपको बताते हैं उन्होंने अपनी ही पार्टी पर क्या-क्या आरोप लगाए।

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AAP पर भड़कीं स्वाति मालीवाल।

Swati Maliwal vs Aam Aadmi Party: आम आदमी पार्टी (आप) की सांसद स्वाति मालीवाल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार पर लगे कथित 'मारपीट' के आरोपों को पार्टी द्वारा निराधार बताकर खारिज किये जाने पर शुक्रवार को निशाना साधते हुए कहा कि एक 'गुंडे के दबाव' में झुकी 'आप' अब उनके चरित्र पर सवाल उठा रही है।

'AAP ने दो दिन बाद ले लिया यूटर्न'

स्वाति मालीवाल ने कहा कि पार्टी ने कुमार द्वारा उनके साथ 'मारपीट' किये जाने को स्वीकार कर लिया था लेकिन दो दिन बाद 'यूटर्न' ले लिया। आप नेता आतिशी के संवाददाताओं को संबोधित करने के बाद मालीवाल ने यह टिप्पणी की। आतिशी ने कहा था कि केजरीवाल को फंसाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मारपीट के मामले की साजिश रची है। उन्होंने कहा कि इस 'साजिश' का चेहरा मालीवाल है और कुमार पर उनके द्वारा लगाये गये आरोप 'निराधार' हैं।

'20 साल पुरानी कार्यकर्ता को बताया एजेंट'

मालीवाल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'पार्टी में कल के आए नेताओं से 20 साल पुरानी कार्यकर्ता को भाजपा का एजेंट बता दिया। दो दिन पहले पार्टी ने सब सच कबूल लिया था और आज यू-टर्न ले लिया।' AAP नेता और सांसद संजय सिंह ने मंगलवार को कहा था कि मालीवाल के साथ हुई घटना घोर निंदनीय है। उन्होंने दावा किया था कि कुमार ने मालीवाल के साथ 'दुर्व्यवहार' किया है।

'ये गुंडा पार्टी को धमका रहा है कि मैं...'

स्वाति मालीवाल ने बिभव कुमार का नाम लिये बिना कहा, 'ये गुंडा पार्टी को धमका रहा है कि मैं गिरफ्तार हुआ तो सारे राज खोलूंगा। इसलिए ही लखनऊ से लेकर हर जगह शरण में घूम रहा है।' उन्होंने कहा, 'आज उसके दबाव में पार्टी ने हार मान ली और एक गुंडे को बचाने के लिए पूरी पार्टी से मेरे चरित्र पर सवाल उठाए गए। कोई बात नहीं, पूरे देश की महिलाओं के लिए अकेले ही लड़ती आई हूं, अपने लिए भी लड़ूंगी। जमकर चरित्र हनन करो, वक्त आने पर सब सच सामने आएगा!' उन्होंने एक्स पर ये भी लिखा कि मुझे सूचना मिली है कि अब ये लोग घर के CCTV से छेड़छाड़ करवा रहा है।

दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर मालीवाल के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के आरोप में कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आतिशी ने कहा कि कुमार ने भी मालीवाल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

(इनपुट- भाषा)

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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