देश

'सबूत दें कि आप शंकराचार्य हैं..., मेला प्रशासन ने जारी किया नोटिस तो क्या बोले अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ?

ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रयागराज मेला प्रशासन के बीच विवाद तेज हो गया है। मेला प्रशासन ने उन्हें नोटिस जारी कर 24 घंटे में यह साबित करने को कहा है कि वे शंकराचार्य हैं और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद यह उपाधि इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें ऐसा करने से कभी नहीं रोका और प्रशासन माघ मेले की कमियों को छिपाने के लिए कोर्ट का नाम ले रहा है। उन्होंने मेला प्रशासन को नोटिस देने की बात कही है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर इशारे में अभद्रता, संगम स्नान से रोकने, अपहरण और जान से मारने की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

Image

ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रयागराज मेला प्राधिकरण पर साधा निशाना।(फोटो सोर्स: ANI)

Photo : Twitter

Swami Avimukteshwaranand Dispute: ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रयागराज मेला प्राधिकरण के बीच चल रहे विवाद के बीच एक नया मोड़ आ गया है। मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस जारी करके कहा है कि आप 24 घंटे में स्पष्ट करें और प्रमाण दें कि आप शंकराचार्य हैं। सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने के बाद भी आप अपने नाम के आगे शंकराचार्य लिख रहे हैं जो कि शीर्ष अदालत के आदेश का उल्लंघन है।

प्रशासन अपनी कमियों को छिपा रहा: शंकराचार्य

इसी बीच शंकराचार्य ने कहा कि वो भी मेला प्रशासन को नोटिस जारी करेंगे। हम भी लिखित तौर पर उन्हें नोटिस जारी करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कभी नहीं कहा कि अपने नाम के आगे शंकराचार्य मत लिखिए। अगर ऐसा कोई आदेश दिया है तो मुझे दिखाया जाए। माघ मेले की कमियों को छुपाने के लिए प्रशासन सुप्रीम कोर्ट का इस्तेमाल कर रहा है। प्रशासन जवाब दें कि आप अपनी कमियों को छिपाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं।

अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सीएम योगी पर साधा निशाना

शंकराचार्य ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ईशारे पर उनके साथ अभद्रता की गई और उन्हें संगम स्नान करने से रोका गया। उनकी हत्या का प्रयास किया गया। अगर वह रथ से उतर जाते तो उनकी हत्या हो जाती। सादे कपड़ों में पहुंचे पुलिस के जवानों ने उनका अपहरण करने का प्रयास किया। पांच घंटे तक उनको अज्ञात स्थान पर रखा गया और शाम को उनको शिविर के सामने पहुंचा दिया गया।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बयान

शंकराचार्य ने वकील के जरिए यूपी सरकार को कानूनी नोटिस भेजा है। 24 घंटे में अगर मेला प्रशासन ने नोटिस वापस नहीं ली तो कमटेम्प्ट ऑफ कोर्ट और शंकराचार्य परंपरा व स्वामी जी की छवि धूमिल करने के लिए विधिक कार्यवाही की जाएगी।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article