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इमरान खान पर क्यों हैं सस्पेंस? जेल में मौत के दावे पर क्या कह रही शहबाज सरकार, PTI का क्या है आरोप

पीटीआई के नेताओं के अलावा सोशल मीडिया में कई पत्रकारों ने भी पीटीआई नेता एवं पूर्व पीएम की मौत होने का दावा किया है। हालांकि, इन दावों को पाकिस्तानी सेना ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पाकिस्तानी सेना का कहना है कि इमरान खान जेल में पूरी तरह सुरक्षित हैं।

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Photo : AP
बीते तीन साल से जेल में बंद हैं इमरान खान।
Written by: Alok Rao
Updated Aug 14, 2026, 13:29 IST
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Imran Khan News: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (PTI) के मुखिया इमरान खान बीते तीन साल से अडियाला जेल में बंद हैं लेकिन पिछले कुछ दिनों से उनके बारे में जो दावा किया जा रहा है इससे उनके बारे में सस्पेंस पैदा हो गया है। पीटीआई नेताओं का दावा है कि जेल में इमरान खान की मौत हो चुकी है और पाकिस्तान की सरकार और सेना इस बात को छिपा रही है। पीटीआई के नेताओं के अलावा सोशल मीडिया में कई पत्रकारों ने भी पीटीआई नेता एवं पूर्व पीएम की मौत होने का दावा किया है। हालांकि, इन दावों को पाकिस्तानी सेना ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पाकिस्तानी सेना का कहना है कि इमरान खान जेल में पूरी तरह सुरक्षित हैं। सरकार और सेना के बयान पीटीआई समर्थकों को पूरी तरह से भरोसे में नहीं ले पाए हैं।

सीएम सोहेल अफरीदी ने जताई आशंका

रिपोर्टों के मुताबिक खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री एवं पीटीआई नेता सोहेल अफरीदी ने कहा कि रावलपिंडी में सेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों से उनकी बात हुई और इन अधिकारियों ने जेल में इमरान खान की मौत होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के आधार पर पाकिस्तानी हुकूमत यदि इमरान खान को जेल से रिहा नहीं करती तो पीटीआई देश भर में एक बड़ा आंदोलन शुरू करेगी। इस बीच, इमरान खान की बहनों ने भी अपने भाई के साथ अनहोनी होने की आशंका जताई है। इमरान की बहन अलीमा खातून ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जेल में पिछली बार मुलाकात के समय इमरान ने आशंका जताई थी कि सेना प्रमुख आसिम मुनीर उनकी जान लेने की कोशिश कर सकता है। अलीमा इमरान खान की कानून लड़ाई, जेल की स्थिति और पार्टी के रुख पर खुलकर बोलती हैं।

'इज खान स्टिल विद अस'

यह संकट तब गहराया जब अमेरिका स्थित पाकिस्तानी खोजी पत्रकार वजाहत सईद खान ने दो हिस्सों में एक वीडियो प्रसारित किया। इसके शीर्षक थे-'इज खान स्टिल विद अस' और 'व्हाट हैपंस ऑफ्टर खान'। अपनी रिपोर्ट में पत्रकार ने पाकिस्तान सेना के रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) में तैनात तीन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से हुई बातचीत का हवाला दिया। ये अधिकारी जनरल स्टाफ डायरेक्टोरेट, मिलिट्री इंटेलिजेंस और कमांड, कंट्रोल, कम्युनिकेशन एंड इंटेलिजेंस (C4I) डायरेक्टोरेट से जुड़े बताए गए। शुरुआती रिपोर्ट में दावा किया गया कि वरिष्ठ अधिकारियों को डर था कि खान अपनी सेल के अंदर 'शायद अब जीवित नहीं हैं।' यह दावा तेजी से अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया पर फैल गया, जिसके बाद खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

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'खान को बेहद गोपनीय ढंग से रखा गया'

हालांकि, बाद में पत्रकार ने एक और प्रसारण जारी कर खान की मौत को पक्की खबर के तौर पर पेश किए जाने से पीछे हटते हुए स्पष्टीकरण दिया।

उन्होंने कहा कि GHQ में उनके सूत्रों ने खान की मौत से जुड़ा कोई दस्तावेजी या प्रमाणित सबूत नहीं दिया था। इसके बजाय उन्होंने खान की हिरासत को लेकर 'गहरे और पंगु कर देने वाले डर' की बात कही थी। यह डर इस आशंका से पैदा हुआ था कि बेहद गोपनीय तरीके से रखे जा रहे खान के बारे में सबसे बुरा हो चुका है या हो सकता है। पत्रकार के मुताबिक, खान की कैद से जुड़ा पूरा सैन्य अभियान बेहद छोटे और गोपनीय खुफिया अधिकारियों के समूह द्वारा संचालित किया जा रहा है, जो सीधे शीर्ष सैन्य नेतृत्व को रिपोर्ट करता है। इसके कारण GHQ के कई वरिष्ठ अधिकारी भी खान की वास्तविक स्थिति से अनजान हैं। पत्रकार ने कहा कि उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य उद्देश्य आधिकारिक दावे को चुनौती देना और सैन्य प्रतिष्ठान पर खान के 'जिंदा होने का पारदर्शी सबूत' सार्वजनिक करने का दबाव बनाना था।

पाकिस्तानी सेना ने क्या कहा?

देश में बढ़ती अस्थिरता के बीच इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने औपचारिक बयान जारी कर इन अफवाहों को पूरी तरह खारिज कर दिया। सेना ने इन्हें झूठा, मनगढ़ंत और सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान बताया। सेना ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जीवित हैं और अडियाला जेल में हिरासत में हैं। खान के परिवार की ओर से भी इसकी पुष्टि हुई। उनकी पत्नी बुशरा बीबी के रिश्तेदारों ने बताया कि अडियाला जेल में एक नियंत्रित मुलाकात के दौरान उन्हें जेल के अंदर लगे CCTV मॉनिटर देखने की अनुमति दी गई, जिसमें खान को अपने पैरों पर चलते हुए देखा गया। इस दृश्य पुष्टि से उनकी मौत की तत्काल आशंकाएं तो शांत हुईं, लेकिन उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता कम नहीं हुई।

खान की सेहत पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

जेल प्रशासन और खुफिया अधिकारियों द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के कारण खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता काफी बढ़ गई है। परिवार और कानूनी प्रतिनिधियों का दावा है कि खान का ब्लड प्रेशर गंभीर रूप से बढ़ रहा है और एक आंख की रोशनी काफी कम हो गई है। पहले खान से मुलाकात कर चुके अदालत द्वारा नियुक्त अमिकस क्यूरी ने भी उनकी दृष्टि में गंभीर कमी की पुष्टि की थी। इसके आधार पर उनकी सजा को चिकित्सकीय आधार पर निलंबित करने की मांग को लेकर याचिकाएं दायर की गई थीं। खान को प्रभावी रूप से एकांत कारावास में रखा गया है। परिवार, निजी डॉक्टरों और कानूनी टीम तक उनकी नियमित पहुंच कथित तौर पर रोक दी गई है। खान और बुशरा बीबी दोनों के लिए लंबे समय से कानूनी मुलाकातों में भी बाधाएं डाली गई हैं।

PTI ने क्या कहा?

अफवाहों के इस दौर के बाद PTI नेतृत्व ने सरकार और सैन्य अधिकारियों पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने आरोप लगाया कि सूचना पर रोक लगाकर सरकार और सेना खतरनाक तरीके से हालात से खेल रही हैं। PTI के केंद्रीय सूचना सचिव शेख वकास अकरम ने कहा कि खान की जिंदगी और स्वास्थ्य अटकलों का विषय नहीं हो सकते। उन्होंने मांग की कि राज्य प्रशासन तत्काल खान के निजी डॉक्टरों, बहनों और वकीलों को बिना किसी बाधा के उनकी जांच करने की अनुमति दे। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर खान तक पहुंच पर रोक जारी रही तो देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं। वरिष्ठ नेताओं ने दावा किया कि अगर खान की सुरक्षा की स्वतंत्र मेडिकल बोर्डों से सार्वजनिक पुष्टि नहीं की गई तो लाखों समर्थक रावलपिंडी की ओर मार्च करने के लिए तैयार हैं। इस संकट के बीच PTI के कानूनी प्रतिनिधियों ने सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार से मुलाकात कर जेल में चिकित्सकीय सुविधा और मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन से जुड़ी लंबित याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई की मांग की।

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27 सितंबर को इस्लामाबाद की ओर मार्च करेगी PTI

अपने नेता की रिहाई की मांग को लेकर पीटीआई ने अपना विरोध-प्रदर्शन तेज कर दिया है। अगस्त के पहले सप्ताह में पीटीआई ने देशभर में प्रदर्शन किए। इस दौरान पंजाब और सिंध प्रांत में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया। सबसे बड़ी रैली खैबर पख्तूनख्वा की राजधानी पेशावर में आयोजित की गई, जहां इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की सरकार है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मुहम्मद सुहैल अफरीदी ने कहा है कि यदि इमरान खान को न्याय नहीं मिला, तो पार्टी के समर्थक 27 सितंबर को इस्लामाबाद की ओर मार्च करेंगे। अफरीदी ने कहा कि पीटीआई किसी तरह की रियायत नहीं, बल्कि न्याय की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण विरोध जारी रखेगी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इमरान खान को तीन वर्षों से एकांत कारावास में रखा गया है और जेल में उनसे मिलने की कोशिश करने के दौरान उनकी बहनों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया।

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