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PM Recycled Jacket: पीएम मोदी ने संसद में पहनी रीसाइक जैकेट का सूरत कनेक्शन-Video

  • Authored by: Siddharth Pandya
  • Updated Feb 11, 2023, 03:38 PM IST

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कपड़ों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेकार प्लास्टिक की बोतलों को रिसाइकिल कर बनाई गई जैकेट पहनी थी और वह बुधवार को इसी कोटी को पहनकर संसद पहुंचे थे और इसी वजह से यह चर्चा में आ गई है

KEY HIGHLIGHTS
  1. 3 साल पहले से सूरत में हो रहा है प्लास्टिक की बोतलों से कपड़े का उत्पादन
  2. हर महीने डेढ़ से ढाई करोड़ मीटर कपड़े का उत्पादन वेस्ट प्लास्टिक बॉटल से किया जाता है
  3. पीएम मोदी ने संसद में जो नीली जैकेट पहनी थी उसका कपड़ा सूरत से ही बना था

संसद में अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीली जैकेट आकर्षण का केंद्र बनी रही। पीएम मोदी द्वारा पहनी गई इस जैकेट के पीछे एक दिलचस्प कहानी सामने आई,, नीले रंग की जिस जैकेट को पहनकर प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर जोरदार प्रहार किए वह जैकेट रीसाइकल्ड सिंगल यूजर प्लास्टिक से बनाई गई थी

खास बात यह है कि यह करोड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की ओर से बेंगलुरु में आयोजित इंडियन एनर्जी वीक में गिफ्ट किया गया था। पीएम मोदी के पहने जाने वाले कोट के मटेरियल को सूरत के एक बिजनेसमैन ने बनाया है.

सिंगल यूज़ प्लास्टिक से बनी थी मोदी की जैकेट

पीएम के नीले रंग के जैकेट को बनाने में जो कपड़ा लगा है वह सूरत के कारोबारी आशीष गुजराती ने बनाया था,,, आपको बता दें कि सिंगल यूज प्लास्टिक या बोतल को फैक्ट्री प्लांट में यार्न में में तब्दील किया जाता है,,, जिसके बाद इसका उपयोग खास तरह के फैब्रिक के तौर पर किया जाता है,

recycled jacket

recycled jacket

आशीष गुजराती बताते हैं कि पिछले 4 वर्षों से वह फेंकी हुई बोतल स्कोर रीसायकल करके कपड़े बनाने का व्यापार कर रहे हैं जो अब भारत ही नहीं देश दुनिया में प्रचारित हो चुका है खासकर जब पीएम मोदी ने इस जैकेट को पहना तब से यह जैकेट सभी लोगों के बीच में आकर्षण और आतुरता का केंद्र बनी हुई है।

सिद्धार्थ पंड्या
Siddharth Pandyaauthor

Siddharth has covered a wide range of topics in his 15-year career as a journalist, from political issues to social matters. He has reported on political developments not only in Gujarat but also in Madhya Pradesh. He does reporting and anchoring in Hindi, English, and Gujarati languages in Gujarat. From live reporting on various issues to the controversies surrounding fake encounters, the 2017 Patidar movement in Gujarat, the state's elections, lockdown, and the exodus during the COVID-19 pandemic, Siddharth has touched upon various topics.

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