राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, देश की आंतरिक सुरक्षा और सुशासन पर अपनी बात विस्तार से रखी। उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो तत्व पीएम मोदी के खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश कर रहे थे, वे अब पूरी तरह नाकाम हो चुके हैं और समझ नहीं पा रहे हैं कि क्या करें। ऐसे लोग अब छात्रों को उकसाने और समाज को जाति के नाम पर बांटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को सलाह दी कि वे अपना समय और ऊर्जा देश के विकास में लगाएं, जिससे उनका और देश दोनों का भला होगा।
सुरक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। आज हमारी सेना आतंकियों के गढ़ में घुसकर उनका सफाया कर रही है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर दुख जताया कि कुछ लोग महज राजनीतिक लाभ के लिए देश के जवानों की बहादुरी और साहस पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद गरीबी के कारण नहीं फैला, बल्कि नक्सलवाद की वजह से देश में गरीबी फैली, जिससे अब भारत को मुक्ति मिल चुकी है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें: 'तुमसे ना हो पाएगा' फडणवीस सरकार पर शिवसेना UBT का वार, मराठवाड़ा में हल्ला बोल के बाद इस दिन होगी उद्धव ठाकरे की जनसभा
राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी को सुशासन का पर्यायवाची बताते हुए कहा कि 2014 से पहले भारत को 'ओवर-रेगुलेटेड' माना जाता था, लेकिन मोदी सरकार ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। सरकारी प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए गजटेड अधिकारियों से अटेस्टेशन की प्रथा खत्म कर 'सेल्फ-अटेस्टेशन' की शुरुआत की गई। इसके अलावा, पिछले कुछ वर्षों में 40,000 से अधिक गैर-ज़रूरी नियमों को समाप्त किया गया है और 1,500 से अधिक पुराने व अप्रासंगिक कानूनों को निरस्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक सर्वेक्षण भी मानते हैं कि पीएम मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं और जनता लगातार चुनाव दर चुनाव उन पर अपना भरोसा जता रही है।
