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जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सुनील शर्मा होंगे विपक्ष के नेता, चुने गए भाजपा विधायक दल के नेता

Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष का नेता कौन होगा? इस सवाल का जवाब मिल चुका है। सुनील शर्मा को जम्मू-कश्मीर में भाजपा विधायक दल के नेता चुना गया है। बता दें, शर्मा पद्दर नागसेनी से भाजपा विधायक हैं। पार्टी प्रवक्ता ने ये भी बताया है कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में वहीं विपक्ष के नेता होंगे।

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सुनील शर्मा।

Leader of Opposition in Jammu Kashmir Assembly: जम्मू-कश्मीर की पद्दर नागसेनी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक सुनील शर्मा अब जम्मू और कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष होंगे। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता ने ये जानकारी साझा की है कि विधायक सुनील शर्मा विधायक दल के नेता चुने गए हैं वही जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता होंगे।

सुनील शर्मा को चुना गया जम्मू-कश्मीर भाजपा विधायक दल का नेता

पूर्व मंत्री सुनील शर्मा को रविवार को जम्मू-कश्मीर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल का नेता चुना गया। किश्तवाड़ जिले के पद्दर नागसेनी से विधायक शर्मा का जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष का नेता बनना तय है। भाजपा के एक प्रवक्ता ने यहां विधायक दल की बैठक के बाद कहा, 'सुनील शर्मा को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है। वह विधानसभा में विपक्ष के नेता होंगे।'

पद्दर नागसेनी से सुनील शर्मा ने मामूली अंतर से जीत हासिल की

जम्मू कश्मीर विधानसभा में भाजपा नेता शर्मा (47) का यह दूसरा कार्यकाल होगा। शर्मा ने केंद्र शासित प्रदेश में 2022 के परिसीमन प्रक्रिया के बाद नव गठित निर्वाचन क्षेत्र पद्दर नागसेनी से मामूली अंतर से जीत हासिल की।

भाजपा ने सत शर्मा को जम्मू-कश्मीर इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वरिष्ठ नेता सत शर्मा को रविवार को पार्टी की जम्मू-कश्मीर इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया। वह पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना की जगह लेंगे। भाजपा महासचिव अरुण सिंह की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में यह घोषणा की गई। जम्मू-कश्मीर में हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने सत शर्मा को टिकट नहीं दिया था। इसके बाद उन्हें प्रदेश इकाई का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था।

रवींद्र रैना को बनाया गया भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य

रैना को इस बार विधानसभा चुनाव में नौशेरा से हार का सामना करना पड़ा था। लंबे समय तक प्रदेश अध्यक्ष रहे रैना को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया कि दोनों नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई में यह बदलाव रविवार को होने वाली पार्टी विधायक दल की बैठक से कुछ घंटे पहले किया गया है। लगभग छह साल के अंतराल के बाद चार नवंबर से शुरू हो रहे जम्मू-कश्मीर विधानसभा के पहले सत्र से पूर्व अपने विधायक दल का नेता चुनने के लिए यह बैठक श्रीनगर में आयोजित की गई है।

किस पार्टी ने कितनी सीटों पर हासिल की है जीत?

भाजपा ने हाल में संपन्न जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों में 29 सीट पर जीत हासिल की थी। यह जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों में उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। जम्मू-कश्मीर में लगभग 10 साल बाद हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन ने जीत हासिल की। राज्य में 90 सीट पर हुए चुनावों में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 42 और कांग्रेस पार्टी ने छह सीट पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद, उमर अब्दुल्ला दूसरी बार इस पूर्ववर्ती राज्य और वर्तमान में केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।

विधायक दल के नेता का चयन करने के लिए भाजपा ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। जम्मू-कश्मीर की नवनिर्वाचित विधानसभा का पहला सत्र चार नवंबर को विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के साथ शुरू होगा, जिसके बाद उपराज्यपाल का अभिभाषण होगा।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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