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संभल की शाही जामा मस्जिद में सपा सांसद ने अदा की नमाज, सर्वेक्षण को लेकर कह दी ये बढ़ी बात

Sambhal Shahi Jama Masjid: संभल में स्थित शाही जामा मस्जिद का विवाद बढ़ता जा रहा है। इस बीच समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान ने शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संभल की शाही जामा मस्जिद में नमाज अदा की और कहा कि वह मस्जिद के सर्वेक्षण के खिलाफ हैं।

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सपा सांसद जिया उर रहमान ने संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण को लेकर कही ये बड़ी बात

Photo : ANI

Sambhal Shahi Jama Masjid: समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान ने शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संभल की शाही जामा मस्जिद में नमाज अदा की और कहा कि वह मस्जिद के सर्वेक्षण के खिलाफ हैं और इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। 19 नवंबर को मस्जिद में किए गए सर्वेक्षण के बाद संभल पहुंचे रहमान ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और शरारती तत्वों पर अदालत में सर्वेक्षण के लिए याचिका दायर करके संभल के सौहार्द को बिगाड़ने का आरोप लगाया।

जिया उर रहमान ने शुक्रवार को कहा कि नमाज हमेशा शांतिपूर्ण तरीके से पढ़ी जानी चाहिए, लेकिन पुलिस प्रशासन के अपने विचार हैं, ये व्यवस्था क्यों की गई है (मस्जिद पर पुलिस बल तैनात किया गया है)...हमने शांतिपूर्ण तरीके से नमाज अदा की...तीन दिन पहले जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि संभल में सभी समुदाय सद्भावना से रह रहे हैं। लेकिन याचिका दायर करने वाले कुछ शरारती तत्व माहौल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं...मैं ज्ञानवापी या शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के खिलाफ हूं ... हम इसे कानूनी रूप से लड़ेंगे...।

मस्जिद के अंदर मंदिर होने का किया गया है दावा

गौरतलब है कि वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने संभल में सिविल जज की अदालत में याचिका दायर कर मस्जिद के मंदिर होने का दावा किया है। इसके बाद 19 नवंबर को स्थानीय पुलिस और मस्जिद की प्रबंध समिति के सदस्यों की मौजूदगी में सर्वेक्षण किया गया। इस बीच, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार और सुप्रीम कोर्ट को अचानक उठे विवाद का संज्ञान लेना चाहिए। मायावती ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यूपी के संभल जिले की शाही जामा मस्जिद में अचानक हुए विवाद, सुनवाई और फिर जल्दबाजी में किए गए सर्वेक्षण की खबरें राष्ट्रीय पटल और मीडिया में सुर्खियां बन रही हैं, लेकिन सरकार और सुप्रीम कोर्ट को इस तरह से सौहार्द और माहौल बिगाड़ने का भी संज्ञान लेना चाहिए। इससे पहले गुरुवार को जिला मजिस्ट्रेट राजेंद्र पेंसिया ने कहा कि पुलिस बलों द्वारा फ्लैग मार्च किया गया और शहर को किले में तब्दील कर दिया गया है और शहर के बीचों-बीच स्थित मस्जिद तक पहुंचने वाले तीन में से दो रास्तों को सील कर दिया गया है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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