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मैनपुरी उपचुनावः अखिलेश की पत्नी ने भरा नॉमिनेशन, तेज प्रताप पर हुआ सवाल तो गर्माए, कहा- प्रश्न अपने पास रखें

  • Edited by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Nov 14, 2022, 05:22 PM IST

अपने नामांकन से पहले डिंपल यादव ने दिवंगत ससुर मुलायम सिंह को याद किया। साथ ही सपा महासचिव राम गोपाल यादव के पैर छू कर आर्शीवाद भी लिया। वह बोलीं- मैं नेता जी (ससुर) के सिद्धांतों और मूल्यों को अपना आज का नामांकन समर्पित करती हूं।

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नामांकन के वक्त डिंपल के साथ पति अखिलेश यादव, पार्टी महासचिव राम गोपाल यादव और मैनपुरी के पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव थे।(@samajwadiparty)

Photo : Twitter

यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव की पत्नी और समाजवादी पार्टी (सपा) की उम्मीदवार डिंपल यादव ने मैनपुरी लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र भरा। सोमवार (14 नवंबर, 2022) को जिलाधिकारी कार्यालय में दोपहर बाद उन्होंने पर्चा दाखिल किया। 44 वर्षीय डिंपल के नॉमिनेशन के समय पति-सपा अध्यक्ष, पार्टी महासचिव राम गोपाल यादव और मैनपुरी के पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव मौजूद थे।

नामांकन के बाद पत्रकारों ने सवाल दागा कि मैनपुरी में जिन तेज प्रताप यादव को सांसद जी के तौर पर जाना जाता है, उन्हें टिकट क्यों नहीं मिला? इस पर अखिलेश थोड़ा सा गर्मा गए और सीधे बोले, "आप मैनपुरी के पत्रकार हैं। अपना सवाल अपने पास ही रखें।" यह पूछे जाने पर कि तेज को टिकट न मिलने से सपा के कार्यकर्ता दुखी हैं क्या? वह इस प्रश्न पर भी कुछ खुलकर नहीं बोले।

नॉमिनेशन से पहले डिंपल ने कहा कि वह मुलायम सिंह यादव के सिद्धांतों और मूल्यों को अपना यह नामांकन समर्पित करती हैं। उनके ट्वीट के मुताबिक, “नेता जी को सादर नमन के साथ, हम आज का नामांकन उनके सिद्धांतों और मूल्यों को समर्पित कर रहे हैं। नेताजी का आशीर्वाद हम सबके साथ हमेशा रहा है, हमेशा रहेगा।”

मैनपुरी लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव पांच दिसंबर को होगा, जबकि नतीजे आठ दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करना शुरू हो गया है और 17 नवंबर को नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख है। दरअसल, यह संसदीय सीट 10 अक्टूबर को मुलायम के निधन के बाद खाली हुई थी।

वहीं, भाजपा ने इस सीट के लिये अभी अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है,जबकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि कांग्रेस, बसपा और शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी-लोहिया (पीएसपीएल) चुनाव लड़ेंगी या नहीं।

2019 में सपा संरक्षक मुलायम ने निकटम प्रतिद्वंदी भाजपा के प्रेम सिंह शाक्य से 94,000 मतों के अंतर से मैनपुरी सीट से चुनाव जीता था। अखिलेश की करहल विधानसभा सीट, मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और इसी तरह जसवंत नगर सीट का शिवपाल प्रतिनिधित्व करते हैं। अखिलेश के मुख्यमंत्री बनने और विधान परिषद में जाने के लिए कन्नौज लोकसभा सीट से इस्तीफा देने के बाद 2012 में डिंपल यादव इस सीट से निर्विरोध चुन ली गई थीं।

वैसे, डिंपल साल 2019 में कन्नौज से भाजपा उम्मीदवार सुब्रत पाठक के खिलाफ चुनाव लड़ी थीं। चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। मैनपुरी संसदीय क्षेत्र में पांच विधानसभा क्षेत्र हैं- मैनपुरी, भोगांव, किशनी, करहल और जसवंत नगर। 2022 के विधानसभा चुनावों में, सपा ने करहल, किशनी और जसवंत नगर सीटों पर जीत हासिल की, जबकि भाजपा ने मैनपुरी और भोगांव सीटों पर जीत हासिल की।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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