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सोनिया गांधी ने टीम इंडिया को दी फाइनल के लिए शुभकामनाएं, कहा- 'मुझे 1983 और 2011 याद आ रहा है'

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Nov 18, 2023, 10:37 PM IST

World Cup Final: सोनिया गांधी ने खिताबी मुकाबले के लिए टीम इंडिया को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूरा देश आपके समर्थन में है। मैं आपको अपनी शुभकामनाएं भेजती हूं। आप में वर्ल्ड चैंपियन बनने की सारी खूबियां हैं। मुझे पूरा विश्वास है टीम इंडिया जीतेगी।

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सोनिया गांधी ने टीम इंडिया को दी शुभकामनाएं

Photo : Twitter

World Cup Final: अहमदाबाद में होने जा रहे क्रिकेट विश्वकप फाइनल का खुमार पूरे देश पर सिर चढ़कर बोल रहा है। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक फाइनल मुकाबले के बाद होने वाले जश्न में अभी से सराबोर हैं। पूरा देश इस खिताबी मुकाबले के लिए तरह-तरह से तैयारी कर रहा है। कहीं बड़ी स्क्रीन लगाई गई हैं तो कहीं आतिशबाजी का इंतजाम किया गया है। हर कोई टीम इंडिया को वर्ल्डकप की ट्रॉफी उठाते हुए देखना चाहता है।

ऐसे में रविवार को होने वाले फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया की जीत लिए लोग शुभकामनाएं दे रहे हैं। कहीं हवन-पूजन किया जा रहा है। इस बीच कांग्रेस चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने भी टीम इंडिया को फाइनल के लिए अग्रिम बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि आपके पास विश्व चैंपियन बनने के लिए जो कुछ होना चाहिए वह सबकुछ है।

आपने देश का गौरव बढ़ाया

सोनिया गांधी ने एक वीडियो संदेश में कहा कि मैं सबसे पहले इस विश्व कप के दौरान आपके अविश्वसनीय प्रदर्शन और उत्कृष्ट टीम वर्क के लिए आपको बधाई देकर शुरुआत करना चाहूंगी। आपने लगातार देश का गौरव बढ़ाया है और हमें सामूहिक रूप से गौरवान्वित करने के लिए सभी कारण दिए हैं। फाइनल तक की आपकी यात्रा प्रेरणादायक रही है और इसमें मूल्यवान सबक हैं जो क्रिकेट के मैदान से परे हैं। ये सबक एकता, कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और खुद पर अटूट विश्वास के बारे में हैं।

कहा- 1983 और 2011 याद आ रहा है

सोनिया गांधी ने कहा, मैं टीम इंडिया के खिलाड़ियों को उनके शानदार प्रदर्शन पर बधाई देना चाहती हूं। उन्होंने आगे कहा, इस समय मुझे पिछले दो मौकों की याद आ रही है जब भारत ने पहले 1983 में और फिर 2011 में विश्व कप ट्रॉफी जीती थी। उन दोनों अवसरों पर राष्ट्र ने सम्मानित महसूस किया। सोनिया गांधी ने कहा, क्रिकेट ने लिंग, क्षेत्र, भाषा, धर्म और वर्ग से परे हमेशा हमारे देश को एकजुट किया है और अब जब आप इस वर्ष फाइनल के लिए तैयार हो रहे हैं, तो पूरा देश आपके समर्थन में है। मैं आपको अपनी शुभकामनाएं भेजती हूं। आप में वर्ल्ड चैंपियन बनने की सारी खूबियां हैं। मुझे पूरा विश्वास है टीम इंडिया जीतेगी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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