Nagastra 2 Anti Tank Loiter Munition Indian Army: भारतीय रक्षा निर्माण क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (Solar Defence & Aerospace Ltd.) ने 450 'नागास्त्र-1आर' (Nagastra-1R) कामिकेज ड्रोन की सफल डिलीवरी के ठीक एक महीने बाद, अब भारतीय सेना को अपनी अत्याधुनिक 'नागास्त्र-2' एंटी-टैंक लोइटर म्यूनिशन प्रणाली (Nagastra-2 Anti-Tank Loiter Munition System) सौंप दी है।
इससे पहले अगस्त 2026 में राजस्थान स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (MFFR) में इस प्रणाली ने अपने सभी तकनीकी और परिचालन परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए थे।
'नागास्त्र-2' की प्रमुख विशेषताएं और मारक क्षमता
अत्याधुनिक तकनीक से लैस 'नागास्त्र-2' को आधुनिक युद्ध के मैदान और बख्तरबंद वाहनों (Armoured Targets) को नेस्तनाबूद करने के लिए डिजाइन किया गया है:
शक्तिशाली वारहेड: यह सिस्टम 4 किलोग्राम के टैंडम शेम्ड-चार्ज वारहेड (Tandem Shaped-Charge Warhead) से लैस है, जो 650 मिलीमीटर (mm) तक के रोल्ड होमोजेनस आर्मर (RHA) सुरक्षा कवच को भी आसानी से भेदने की क्षमता रखता है।
रेंज और उड़ान अवधि: 'नागास्त्र-2' 'रिकवर एंड रीयूज' (पुनर्प्राप्ति और पुनः उपयोग) मोड में 25 किलोमीटर और 'फायर-एंड-फॉरगेट' (दागो और भूल जाओ) मोड में 50 किलोमीटर तक की ऑपरेशनल रेंज प्रदान करता है। इसकी सहनशीलता 60 मिनट तक की है।
इलेक्ट्रॉनिक युद्धक सुरक्षा (ECCM): इसकी सबसे बड़ी तकनीकी विशेषता इसका इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटरमेजर्स (ECCM) होना है। यह प्रणाली संचार जैमिंग, जीपीएस जैमिंग और स्पूफिंग जैसे इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के खतरों के बीच भी बिना किसी बाधा के पूरी सटीकता से काम करने में सक्षम है।
'नागास्त्र-1आर' और लागत-प्रभावी समाधान
इस श्रृंखला का 'नागास्त्र-1आर' ड्रोन विशेष रूप से भारतीय सेना की लघु-दायरे (Short-range) की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिसका उपयोग 'कामिकेज़' (आत्मघाती) हमलों के लिए किया जाता है। इसमें उड़ान के दौरान ही मिशन को बीच में निरस्त (Abort) करने और ड्रोन को सुरक्षित रूप से वापस रिकवर करने की अनूठी खूबी भी है।
ईरान, अमेरिका और इजराइल से जुड़े मौजूदा वैश्विक संघर्षों के दौर में, इस स्वदेशी रक्षा प्रणाली को बेहद लागत-प्रभावी और अचूक प्रहार करने वाला विकल्प माना जा रहा है। कंपनी अब अपने इन लोइटर म्यूनिशन सिस्टम के विस्तार और भारतीय सशस्त्र बलों के साथ दीर्घकालिक सहयोग को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
