देश

भारत में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बैन हो जाएगा सोशल मीडिया? तगड़े सपोर्ट में उतरे लोग

Children Under 16 Ban from Social Media: भारत में 'GEN Z' के अधिकतर उत्तरदाताओं (73 प्रतिशत) ने भी इस तरह के प्रतिबंध का समर्थन किया, जो सर्वेक्षण में शामिल सभी देशों में सबसे अधिक है।

Image

भारत में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बैन हो जाएगा सोशल मीडिया? तगड़े सपोर्ट में उतरे लोग

Social Media Ban for Children: भारत में अभिभावकों ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध का जोरदार समर्थन किया है। ब्रिटेन स्थित शिक्षा संस्था वर्की फाउंडेशन द्वारा मंगलवार को जारी एक नए वैश्विक शोध में भारत प्रतिबंध के पक्ष में 75 प्रतिशत समर्थन के साथ मलेशिया (77 प्रतिशत) के बाद दूसरे स्थान पर रहा। फाउंडेशन के लिए 'फैमिली फर्स्ट' विश्लेषण ऐसे समय में सामने आया है, जब ऑस्ट्रेलिया ने हाल ही में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लागू किया है और अन्य देश भी इसी तरह के कदमों पर विचार कर रहे हैं।

भारत में 'GEN Z' के अधिकतर उत्तरदाताओं (73 प्रतिशत) ने भी इस तरह के प्रतिबंध का समर्थन किया, जो सर्वेक्षण में शामिल सभी देशों में सबसे अधिक है। यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि यही पीढ़ी बचपन से सोशल मीडिया के साथ पली-बढ़ी है। फैमिली फर्स्ट और वर्की फाउंडेशन के संस्थापक सनी वर्की ने कहा, 'यह शोध डिजिटल युग में परिवारों के सामने बढ़ते तनाव को उजागर करता है।'

उन्होंने कहा, 'दुनिया भर के माता-पिता अपने बच्चों पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर लगातार चिंतित हैं। फैमिली फर्स्ट के माध्यम से हमारा उद्देश्य केवल प्रतिबंध पर बहस करना नहीं है, बल्कि इस पर व्यापक चर्चा शुरू करना है कि प्रौद्योगिकी पारिवारिक संबंधों और युवाओं के मूल्यों को कैसे प्रभावित कर रही है।'

शोध एजेंसी 'वी आर फैमिली' को जनवरी और फरवरी 2026 में 6,000 से अधिक माता-पिता, उनके नौ से 18 वर्ष आयु वर्ग के 6,000 से अधिक बच्चों, 3,000 दादा-दादी या नाना-नानी और 3,000 जेन जेड प्रतिभागियों से बातचीत करने के लिए नियुक्त किया गया था।

स्टडी में कौन-कौनसे देश थे शामिल?

इस शोध में भारत, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जापान, केन्या, मलेशिया, नाइजीरिया, स्वीडन, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देश शामिल थे। जहां मलेशिया, भारत और फ्रांस सोशल मीडिया प्रतिबंध के समर्थन में सबसे आगे रहे, वहीं जापान (38 प्रतिशत) में इसका समर्थन सबसे कम रहा। इसके बाद नाइजीरिया (39 प्रतिशत) और अमेरिका (51 प्रतिशत) का स्थान रहा। ऑस्ट्रेलिया, जो 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने वाला दुनिया का पहला देश है, वहां 66 प्रतिशत माता-पिता इस कदम के समर्थन में हैं।

भारत के लोगों का अलग नजरिया

फैमिली फर्स्ट के आंकड़ों से यह भी सामने आया कि दुनिया भर में माता-पिता और बच्चों के बीच इस मुद्दे पर मतभेद है, हालांकि भारत इस प्रवृत्ति से अलग है। वैश्विक स्तर पर 18 वर्ष से कम आयु के केवल 37 प्रतिशत बच्चे इस प्रतिबंध का समर्थन करते हैं, जिससे उनके और उनके माता-पिता के बीच 23 अंकों का अंतर बनता है। सबसे अधिक पीढ़ीगत अंतर ऑस्ट्रेलिया (34 अंक), स्वीडन (33 अंक) और कनाडा (32 अंक) में देखा गया।

युवाओं में इस प्रतिबंध का समर्थन मलेशिया और भारत (दोनों 62 प्रतिशत) तथा चीन (50 प्रतिशत) में सबसे अधिक है, जबकि जापान (20 प्रतिशत), अर्जेंटीना और स्वीडन (26 प्रतिशत) में सबसे कम है। उल्लेखनीय है कि 1997 से 2012 के बीच जन्मी जेन जेड (Gen Z) पीढ़ी में भी 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध का समर्थन भारत में वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक पाया गया और यह वैश्विक औसत 51 प्रतिशत से काफी ज्यादा है।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ा author

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदे... और देखें

End of Article