Pahalgam Terrorist Attack : पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद यहां की सुरक्षा बंदोबस्त पर सवाल उठे हैं। अब इस खामी को दूर करते हुए बैसरन घाटी जाने वाले मार्ग पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। यही नहीं, पहलगाम बाजार में पहले से लगे सीसीटीवी कैमरे ठीक से काम कर रहे हैं कि नहीं, इसकी जांच हुई है। कैमरों का रखरखाव एवं मरम्मत किया गया है। पहलगाम बाजार में पहले की रौनक लौटने लगी है। बुधवार को बाजार में लोग नजर आए। बाजार और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर सुरक्षाकर्मियों को गश्त करते हुए देखा गया है।
स्थानीय लोग बोले-पर्यटकों को दिक्कत नहीं होने देंगे
पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पर्यटकों ने कश्मीर से दूरी बना ली थी। पर्यटकों का आगमन एक तरह से रुक गया था लेकिन अब इसमें धीरे-धीरे बदलाव नजर आ रहा है। पर्यटक अब फिर से कश्मीर का रुख करने लगे हैं। इस आतकंवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करने वाले स्थानीय लोगों ने पर्यटकों का स्वागत किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे अपने मेहमानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने देंगे। पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई। इनमें से ज्यादातर पर्यटक थे।
सुरक्षा स्थिति की हुई व्यापक समीक्षा
आतंकी हमले के एक सप्ताह बाद पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जम्मू के निकट प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का दौरा किया और सुरक्षा स्थिति की व्यापक समीक्षा की। डोडा-किश्तवाड़-रामबन रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक श्रीधर पाटिल ने उधमपुर और रामबन जिलों के बीच जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पटनीटॉप और उससे सटे नत्थाटॉप व सनासर का दौरा किया। इन स्थलों पर साल भर बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि उपमहानिरीक्षक ने रामबन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुलबीर सिंह और पटनीटॉप विकास प्राधिकरण के प्रतिनिधियों व पर्यटन विभाग के अधिकारियों सहित अन्य पुलिस व सरकारी अधिकारियों के साथ, आगंतुकों की सुरक्षा के लिए किए गए उपायों की समीक्षा की।
पूर्व सरपंचों सहित स्थानीय निवासियों के साथ बैठक
उन्होंने बताया कि प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा उपायों का विस्तृत मूल्यांकन करने के बाद पाटिल ने विभिन्न होटल संघों, ट्रेकिंग एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों और पूर्व सरपंचों सहित स्थानीय निवासियों के साथ एक संवादात्मक बैठक भी की। प्रवक्ता ने बताया कि बैठक में शामिल होने वाले प्रतिनिधियों को जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किए गए सुरक्षा प्रबंधों के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि हितधारकों के बीच तालमेल बढ़ाने के अलावा उठाए जाने वाले अतिरिक्त उपायों पर भी चर्चा की गई। उपमहानिरीक्षक ने आगंतुकों की सुरक्षा और सहूलियत सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।
