देश

Kerala Mpox Case: सावधान! देश में बढ़ रहा एमपॉक्स का खतरा, केरल में मिला एक और मरीज, जानिए बचाव

Kerala Mpox Case: भारत में अबतक एमपॉक्स के तीन मामले सामने आ चुके हैं। दो मामले केरल से और एक मामला हरियाणा से सामने आया है। केंद्र सरकार एमपॉक्स को लेकर गाइडलाइन भी जारी कर चुकी है।

Image

केरल में एमपॉक्स का एक और मामला आया सामने (फोटो- WHO)

KEY HIGHLIGHTS
  • केरल में एमपॉक्स के दो मामले
  • एक और नया मामला शुक्रवार को मिला
  • पहला केस हरियाणा में हुआ था दर्ज

Kerala Mpox Case: देश में एमपॉक्स का खतरा बढ़ते जा रहा है। एक के बाद एक मरीज मिल रहे हैं। हरियाणा से शुरू हुआ एमपॉक्स अब केरल में पैर पसार रहा है। केरल में एमपॉक्स का एक और मामला सामने आ चुका है। देश में अबतक कुल तीन एमपॉक्स के मामले सामने आ चुके हैं।

केरल में एमपॉक्स का एक और मामला

केरल के एर्नाकुलम में शुक्रवार को एमपॉक्स का दूसरा मामला सामने आया है। केरल स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, व्यक्ति की हालत स्थिर है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस केस में एमपॉक्स वायरस के स्ट्रेन का अभी तक पता नहीं चला है। टेस्ट के लिए सैंपल पुणे में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में जीनोमिक सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं।

हरियाणा से शुरुआत

इससे पहले 18 सितंबर को केरल के मलप्पुरम में एमपॉक्स वायरस के पहले मामले की पुष्टि हुई थी, जब हाल ही में यूएई से लौटे एक व्यक्ति में यह वायरस पाया गया था। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस साल भारत में रिपोर्ट किया गया पहला एमपॉक्स मामला हरियाणा के हिसार का 26 वर्षीय व्यक्ति था, जिसमें पुराना स्ट्रेन पाया गया था।

क्या है एमपॉक्स

एमपॉक्स एक वायरल बीमारी है जो ऑर्थोपॉक्सवायरस जीनस की प्रजातियों के कारण होती है। वायरस के दो अलग-अलग क्लेड हैं: क्लेड 1 (सबक्लेड्स 1a और 1b सहित) और क्लेड 2 (सबक्लेड्स IIa और IIb सहित)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अगस्त के मध्य में एमपॉक्स को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक मेडिकल इमरजेंसी घोषित किया था।

एमपॉक्स से कैसे बचें

एमपॉक्स से बचने के लिए सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है। जैसे ही इसके लक्षण दिखें, तुरंत अस्पताल जाएं, खुद को क्वारंटाइन करें, दूसरों के संपर्क में न आएं। एमपॉक्स वायरस के विभिन्न प्रकारों में मृत्यु दर अलग-अलग होती है, जिसमें क्लेड I सबसे खतरनाक है। रोकथाम में अच्छी स्वच्छता बनाए रखना, सुरक्षित यौन संबंध बनाना, संक्रमित जानवरों के संपर्क से बचना शामिल है। सभी संदिग्ध मामलों, यहां तक कि हल्के मामलों को भी, जांच करवानी चाहिए और यदि आवश्यक हो तो उन्हें अलग-थलग कर देना चाहिए ताकि संक्रमण को कम से कम किया जा सके।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article