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सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार पर लगाए किताब घोटाले के आरोप, पूछा- किसने खाया 40 प्रतिशत कमीशन

Saurabh Bhardwaj: आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों में बंटने वाली किताबों में घोटाला किया है। उन्होंने कहा कि आधा सत्र बीत गया लेकिन अभी तक किताबें नहीं बांटी गई हैं।

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सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार पर लगाए आरोप (फोटो साभार- @Saurabh_MLAgk)

Saurabh Bhardwaj: आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार पर सरकारी स्कूलों में बंटने वाली किताबों में बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आधा सत्र बीत गया लेकिन अभी तक किताबें नहीं बांटी गई हैं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आज हम आपको बताएंगे कि कैसे सरकारी स्कूलों में बंटने वाली किताबों में कितना बड़ा घोटाला हुआ। आधा सत्र बीत गया लेकिन किताब नहीं बांटी गई। जो किताब पहुंची उसके बारे में आपको बताता हूं।

सौरभ भारद्वाज ने लगाए किताबों घोटाले के आरोप

भारद्वाज ने आठवीं कक्षा की एनसीईआरटी की किताब मल्हार का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि बाजार में यह किताब 65 रुपये की आती है। दिल्ली सरकार ने इसके लिए विशेष विवरण निकाला था कि 80 जीएसएम के कागज पर अच्छी छपाई होनी चाहिए। लेकिन आरोप है कि विभाग ने घटिया कागज पर किताब छपवाई है। भारद्वाज ने कहा कि चोर विभाग ने घटिया कागज पर छपवाया है। सस्ती फोटो कॉपी लग रही है। ये 60 से 65 जीएसएम का घटिया कागज है। किताब का आकार भी छोटा कर दिया गया है। ये टेंडर देकर सरकार ने खरीदी और बांट दी। दाम में लगभग 40 प्रतिशत का अंतर है। 40 प्रतिशत कमीशन खाया गया है।

शिक्षा मंत्री आशीष सूद पर साधा निशाना

उन्होंने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सूद जी को बधाई हो। उनके विभाग ने साइकिल पर भी 40 प्रतिशत कमीशन खाया और किताबों में भी। आशीष सूद और रेखा गुप्ता बताएं कि ये 40 प्रतिशत कमीशन किसने खाया है। दिल्ली सरकार ने इसको लेकर 5 टेंडर किए हैं। लगभग 9 करोड़ रुपये का टेंडर हुआ है। सौरभ भारद्वाज के अनुसार आठवीं कक्षा की किताब का टेंडर 9 करोड़ 42 लाख रुपये का है। पहली से तीसरी कक्षा तक के लिए 5 करोड़ 94 लाख रुपये का, चौथी और पांचवीं कक्षा के लिए 9 करोड़ रुपये का, छठी कक्षा के लिए 8 करोड़ 77 लाख रुपये का और सातवीं कक्षा की किताबों के लिए 11 करोड़ 28 लाख रुपये का टेंडर किया गया है।

CM रेखा गुप्ता से की जांच के आदेश देने की अपील

उन्होंने सोशल मीडिया पर भी सवाल उठाया है कि गरीब छात्रों को दी जाने वाली किताबों में 40 प्रतिशत कमीशन कौन ले रहा है। क्या यह मंत्री ले रहा है, क्या अधिकारी ले रहे हैं या फिर विक्रेता ले रहा है। उन्होंने कहा कि मंत्री आशीष सूद को कल जब वह अपने घर पर मीडिया से मिलें तो इसका जवाब देना चाहिए। वहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को इस मामले में सतर्कता जांच के आदेश देने चाहिए।

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