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सचिन पायलट और गहलोत के बीच बढ़ रही है तल्खी ! क्या 2020 जैसे बन रहे हैं हालात

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Jan 20, 2023, 06:43 PM IST

Sachin Pilot And Ashok Gehlot Tussle: राजस्थान में कांग्रेस के सामने एक बार फिर साल 2020 जैसा संकट खड़ा हो सकता है। जब सचिन पायलट खुलकर गहलोत के खिलाफ खड़े हो गए थे। और ऐसा लग रहा था कि राजस्थान में गहलोत सरकार गिर जाएगी।

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सचिन पायलट और अशोक गहलोत फिर आमने-सामने !

Photo : BCCL

Sachin Pilot And Ashok Gehlot Tussle: राजस्थान में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे कांग्रेस के दो दिग्गजों के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट खुल कर एक-दूसरे के सामने आ गए हैं। कोई किसी को कोरोना कह रहा है तो कोई सीधे अपनी ही सरकार पर निशाना साध रहा है। ऐसे में लगता है कि राजस्थान में कांग्रेस के सामने एक बार फिर साल 2020 जैसा संकट खड़ा हो सकता है। जब सचिन पायलट खुलकर गहलोत के खिलाफ खड़े हो गए थे। और ऐसा लग रहा था कि राजस्थान में गहलोत सरकार गिर जाएगी। लेकिन गहलोत और आलाकमान की वजह से दोनों के बीच मामला संभल गया था। लेकिन पिछले एक हफ्ते से जिस तरह दोनों नेता बयानबाजी कर रहे हैं, उससे लगता है कि मामला आने वाले दिनों में तल्खी बढ़ेगी।

गहलोत ने पायलट की तुलना कोरोना से की

हाल ही में राजस्थान में अशोक गहलोत और उनके धुर विरोधी सचिन पायलट की सत्ता की लड़ाई के बीच, एक वीडियो सामने आया है जिसमें मुख्यमंत्री कथित तौर पर कह रहे हैं कि महामारी के बाद पार्टी में बड़ा कोरोना आ गया है। ऐसा माना जा रहा है कि गहलोत ने कथित तौर पर पायलट की तुलना कोरोना वायरस से की है।गहलोत ने बैठक के दौरान बिना किसी का नाम लिए कहा कि मैंने मिलना शुरू किया है । पहले कोरोना आया। हमारी पार्टी में भी एक बड़ा कोरोना घुस गया।

वहीं पायलट ने राज्य में पर्चा लीक मामले को लेकर गहलोत सरकार पर फिर से निशाना साधा। इसके साथ ही पायलट गुट के नेताओं ने खुलकर मुख्यमंत्री के रूप में उनकी ताजपोशी की मांग कर डाली है। झुंझुनूं के गुढ़ा में किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए पायलट ने पार्टी कार्यकर्ताओं के बजाय सेवानिवृत्त नौकरशाहों की राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। वहीं पंचायती राज और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री गुढा ने पायलट के समर्थन में कहा कि हर कोई पूछ रहा है कि पायलट कब मुख्यमंत्री बनेंगे। लोग इंतजार कर रहे हैं।

2020 में पायलट ने कर दी थी बगावत

इस बीच जमीन पर पकड़ मजबूत करने और शक्ति प्रदर्शन के लिए सचिन पायलट ने 16-20 जनवरी के बीच नागौर,हनुमानगढ़, झुनझुनू,पाली और जयपुर में रैलियां की हैं। जिसमें वह साफ तौर पर यह जताने की कोशिश करते रहे हैं कि राजस्थान में वहीं असली चेहरा है और उन्हें अब राज्य में पार्टी की कमान मिलनी चाहिए। पायलट इसके पहले साल 2020 में भी करीब-करीब पार्टी से अलग होने की राह पर चल पड़े थे। लेकिन राहुल-प्रियंका के दखल के बाद, वह एक और मौके के लिए रूक गए। हालांकि अभी तक उन्हें आलाकमान से आश्वासन के अलावा कोई मौका नहीं मिला है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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