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नए आयकर विधेयक पर संसदीय समिति की रिपोर्ट सोमवार को लोकसभा में होगी पेश, कमेटी ने दिए 285 सुझाव

New Income Tax Bill 2025: नए आयकर विधेयक-2025 की समीक्षा के लिए गठित संसदीय समिति की रिपोर्ट सोमवार को लोकसभा में पेश की जाएगी। समिति ने 285 सुझाव दिए हैं और 16 जुलाई को अपनी बैठक में नए आयकर विधेयक-2025 पर रिपोर्ट को अपनाया है। इसे अब आगे की कार्रवाई के लिए सदन में पेश किया जाएगा।

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नए आयकर विधेयक पर संसदीय समिति की रिपोर्ट सोमवार को लोकसभा में पेश होगी

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Income Tax Bill 2025: नए आयकर विधेयक-2025 की समीक्षा के लिए गठित संसदीय समिति की रिपोर्ट सोमवार को लोकसभा में पेश की जाएगी। यह छह दशक पुराने आयकर अधिनियम का स्थान लेगा। भाजपा नेता बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली 31 सदस्यीय प्रवर समिति को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नए आयकर विधेयक, 2025 की समीक्षा के लिए नियुक्त किया था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 13 फरवरी को इसे लोकसभा में पेश किया था। समिति ने 285 सुझाव दिए हैं और 16 जुलाई को अपनी बैठक में नए आयकर विधेयक-2025 पर रिपोर्ट को अपनाया है। इसे अब आगे की कार्रवाई के लिए सदन में पेश किया जाएगा। सरलीकृत आयकर विधेयक, जो 1961 के आयकर अधिनियम के आकार का आधा है, मुकदमेबाजी और नई व्याख्या के दायरे को कम करके कर निश्चितता प्राप्त करने का प्रयास करता है।

आयकर विधेयक-2025 में 57 तालिकाएं (टेबल)

लोकसभा में पेश किए गए नए विधेयक में शब्दों की संख्या कम यानी 2.6 लाख है। यह आयकर अधिनियम के 5.12 लाख शब्दों से काफी कम है। इसमें धाराओं की संख्या 536 है, जबकि मौजूदा कानून में 819 धाराएं प्रभावी हैं। आयकर विभाग द्वारा जारी एफएक्यू (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न) के अनुसार, अध्यायों की संख्या भी 47 से घटाकर 23 कर दी गई है। आयकर विधेयक-2025 में 57 तालिकाएं (टेबल) हैं, जबकि मौजूदा अधिनियम में 18 थीं। इसमें 1,200 प्रावधान और 900 स्पष्टीकरण हटा दिए गए हैं। छूट और टीडीएस/टीसीएस से संबंधित प्रावधानों को सारणीबद्ध प्रारूप में रखकर विधेयक में और अधिक स्पष्ट किया गया है, जबकि गैर-लाभकारी संगठनों के लिए अध्याय को सरल भाषा के प्रयोग के साथ व्यापक बनाया गया है। इसके चलते शब्दों की संख्या में 34,547 की कमी आई है।

विधेयक में शब्दों की संख्या भी घटी

करदाताओं के हित में एक कदम उठाते हुए, विधेयक आयकर अधिनियम, 1961 में उल्लिखित ‘पिछले वर्ष’ शब्द के स्थान पर ‘कर वर्ष’ शब्द का प्रयोग करता है। साथ ही, कर आकलन वर्ष की अवधारणा को भी समाप्त कर दिया गया है। वर्तमान में, पिछले वर्ष (मान लीजिए 2023-24) में अर्जित आय पर, कर आकलन वर्ष (मान लीजिए 2024-25) में भुगतान किया जाता है। इस सरलीकृत विधेयक में पिछले वर्ष और कर आकलन वर्ष (एवाई) की अवधारणा को हटा दिया गया है और केवल कर वर्ष को ही शामिल किया गया है। लोकसभा में विधेयक पेश करते हुए, सीतारमण ने कहा था कि विधेयक में ‘काफी बदलाव’ किए गए हैं। शब्दों की संख्या 5.12 लाख से घटाकर आधी कर दी गई है और धाराओं की संख्या 819 से घटाकर 236 कर दी गई है। लोकसभा में पेश करने के बाद विधेयक को निचले सदन की प्रवर समिति को भेज दिया गया और समिति को अगले सत्र के पहले दिन तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त, 2025 तक चलेगा।
Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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