भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहब डॉ.भीमराव अंबेडकर का फोटो अब तमिलनाडु और पुडुचेरी की अदालतों में नहीं लगाया जा सकेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में एक सर्कुलर जारी करते हुए इस बाबत आदेश दिए हैं। कोर्ट की ओर से बताया गया कि कोर्ट के भीतर सिर्फ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और तमिल कवि तिरुवल्लुवर की तस्वीरें भी लगाई जा सकेंगी।
हाईकोर्ट का यह सर्कुलर सात जुलाई, 2023 को रजिस्ट्रार जनरल की तरफ से सभी जिला अदालतों को भेजा गया था। कोर्ट ने इसके जरिए कांचीपुरम के प्रधान जिला न्यायाधीश को अलंदुर में बार एसोसिएशन के नवनिर्मित संयुक्त न्यायालय परिसर के एंट्री गेट से बाबा साहेब की तस्वीर हटाने के लिए कहा। कोर्ट ने उन घटनाओं को हवाला दिया, जिनमें राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की प्रतिमाओं को क्षति पहुंचाई गई थी और बाद में विवाद-टकराव और कानूनी समस्याओं से जुड़ी नौबत पनपी थीं।
दरअसल, पूरा मामला कई अधिवक्ता संघों से मिले अभ्यावेदनों से जुड़ा है, जिनमें अंबेडकर और उनसे जुड़े संघ के सीनियर अधिकवक्ताओं के चित्रों का अनावरण करने के लिए मंजूरी मांगी गई थी। हाईकोर्ट की पूरी बेंच ने इस तरह के सभी अनुरोधों को 11 अप्रैल को हुई बैठक के दौरान खारिज कर दिया था।
