वेनेजुएला के मौजूदा हालात पर भारत ने दिया पहला बयान, जानिए MEA ने क्या-क्या कहा?
- Edited by: अमित कुमार मंडल
- Updated Jan 4, 2026, 01:55 PM IST
विदेश मंत्रालय ने कहा, वेनेजुएला के हाल के घटनाक्रम गहरी चिंता का विषय है। हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के प्रति अपना समर्थन दोहराता है।
वेनेजुएला के हालात पर MEA का बयान
MEA Statement on Venezuela: वेनेजुएला पर अमेरिका के हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद भारत ने यहां के हालात पर पहला बयान दिया है। विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला के हालात पर गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने कहा, वेनेजुएला के हाल के घटनाक्रम गहरी चिंता का विषय है। हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के प्रति अपना समर्थन दोहराता है। हम सभी संबंधित पक्षों से मुद्दों को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने का आह्वान करते हैं। काराकास स्थित भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के सदस्यों के संपर्क में है।
अमेरिका ने मादुरो को किया गिरफ्तार
अमेरिका के हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के पकड़े जाने के संबंध में शनिवार को वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ देशों ने इस घटनाक्रम को लेकर जहां चिंता जताते हुए संयम बरतने की अपील की, वहीं कुछ नेताओं ने वाशिंगटन के इस कदम का समर्थन किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, राजधानी काराकस पर बड़े पैमाने पर किए गए अमेरिकी हमले के दौरान मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ा गया और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है, जहां उन्हें मुकादमों का सामना करना होगा।
रूस-चीन सहित कई देशों ने किया विरोध
अमेरिकी हमले और मादुरो के पकड़े जाने की रूस और चीन सहित कई प्रमुख वैश्विक शक्तियों ने कड़ी आलोचना की। रूसी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से अपनी कार्रवाई पर पुनर्विचार करने और एक संप्रभु देश के वैध रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को छोड़ देने का आग्रह किया। मंत्रालय ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा, अमेरिका और वेनेजुएला के बीच मौजूद किसी भी मुद्दे का समाधान संवाद के जरिये किया जाना चाहिए। चीन ने अमेरिकी हवाई हमलों की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और आधिपत्यवादी कृत्य करार दिया।
चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा, वह एक संप्रभु देश और उसके राष्ट्रपति के खिलाफ अमेरिका द्वारा बल प्रयोग किए जाने के कृत्य से गंभीर रूप से स्तब्ध है और इसका कड़ा विरोध करता है। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने इन घटनाओं को निंदा की और कहा कि यह वेनेजुएला की संप्रभुता पर अब तक का सबसे गंभीर प्रहार है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष एक बेहद खतरनाक उदाहरण है।
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने कहा कि यूरोपीय संघ स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने तथा संयुक्त राष्ट्र के घोषणा पत्र का सम्मान करने का आग्रह किया। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि उनका देश इस अमेरिकी कार्रवाई में शामिल नहीं था और वह राष्ट्रपति ट्रंप से इस बारे में और जानकारी लेंगे। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन किया जाना चाहिए, लेकिन पहले तथ्यों को स्पष्ट करना जरूरी है।
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने तनाव कम करने और जिम्मेदारीपूर्ण रवैये की अपील करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के घोषणा पत्र के सिद्धांतों का सम्मान किया जाना चाहिए। इस बीच, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली ने इस घटनाक्रम का समर्थन किया। माइली को ट्रंप का सहयोगी माना जाता है।
वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई खतरनाक मिसाल: यूएन प्रमुख
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने वेनेजुएला और उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई पर चिंता जताते हुए कहा कि ये घटनाक्रम खतरनाक मिसाल कायम करते हैं। महासचिव के प्रवक्ता की ओर से शनिवार को जारी बयान में कहा गया कि गुतारेस वेनेजुएला में हाल में हुए उस घटनाक्रम से अत्यंत चिंतित हैं जिसके तहत अमेरिका ने आज देश में सैन्य कार्रवाई की और क्षेत्र के लिए इसके संभावित रूप से चिंताजनक निहितार्थ हो सकते हैं।
गुतारेस ने कहा कि वेनेजुएला की स्थिति से अलग, ये घटनाक्रम एक खतरनाक मिसाल कायम करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की गहरी चिंता है कि अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान नहीं किया गया। मादुरो और उनकी पत्नी पर न्यूयॉर्क के संघीय अधिकारियों ने मादक पदार्थों से संबंधित आतंकवाद की साजिश और अमेरिका के खिलाफ विनाशकारी उपकरण रखने की साजिश के आरोपों में अभियोग लगाया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार तड़के ट्रुथ सोशल पर घोषणा की थी कि अमेरिका ने वेनेजुएला और मादुरो के खिलाफ बड़े पैमाने पर सफलतापूर्वक हमला किया और मादुरो को उनकी पत्नी के साथ पकड़ लिया गया है एवं उन्हें देश से बाहर ले जाया गया है। यह अभियान अमेरिकी कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर किया गया।
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