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भगीरथपुरा में दूषित पेयजल पीड़ित परिवारों से मिले राहुल, बोले-मैं यहां राजनीति करने नहीं, लोगों की मदद करने आया हूं

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ से 10 मरीजों की हालत बेहद गंभीर है। उन्होंने बताया कि गांधी शनिवार को इंदौर पहुंचकर निजी क्षेत्र के बॉम्बे हॉस्पिटल जाएंगे।

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इंदौर में दूषित पेयजल के पीड़ितों से मिलने पहुंचे राहुल गांधी। तस्वीर-PTI

Photo : PTI

Rahul gandhi Indore Visit: लोकसभा में विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस सांसद शनिवार को इंदौर के बॉम्बे अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने दूषित पेयजल पीने से बीमार हुए लोगों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। राहुल यहां से इंदौर के भगीरथपुरा गए और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। पीड़ित परिवारों के साथ मौजूद राहुल ने कहा कि 'पानी का यह टैंक इस बात का प्रतीक है कि यहां आज भी स्वच्छ पानी नहीं है। अभी केवल एक अस्थायी इंतजाम किया गया है, जो कुछ दिनों तक ही चलेगा…लेकिन जैसे ही इस इलाके से ध्यान हटेगा, हालात फिर पहले जैसे हो जाएंगे। ये लोग सिर्फ इतना मांग रहे हैं कि व्यवस्थित तरीके से काम किया जाए और उन्हें साफ पानी उपलब्ध कराया जाए। वे कोई अनुचित मांग नहीं कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाए। मैं यहां उनका समर्थन करने आया हूं।'

राहुल गांधी सुबह 11 बजे इंदौर एयरपोर्ट पहुंच गए। उनका स्वागत करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ में बड़ी संख्या में मध्य प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता मौजूद रहे। यहां से वे सीधे बॉम्बे हॉस्पिटल के लिए रवाना हो गए हैं। यहां 8 मरीज अभी आईसीयू में हैं।

मैं लोगों के मुद्दे को उजाकर करने आया हूं-राहुल

राहुल ने आगे कहा कि 'मुझे (परिवारों से मिलने से) रोका नहीं गया। यह राजनीति नहीं है। मैं एक विपक्षी नेता हूं। यहां लोगों की मौत हुई है और यहां लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है। मैं उनके मुद्दों को उजागर करने आया हूं। यह मेरा काम है। यह मेरी जिम्मेदारी है…मैं यहां उनकी मदद करने और उनके साथ खड़े होने आया हूं। आप इसे जो चाहें कह सकते हैं। चाहें तो राजनीति कह लें। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।'

'सरकार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रही'

कांगेस नेता ने कहा, 'मैं अभी प्रभावित लोगों से मिलकर आया हूं…कहा गया था कि देश को स्मार्ट सिटी दी जाएंगी। यह स्मार्ट सिटी का नया मॉडल है, जहां पीने का पानी नहीं है और लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है…इंदौर में लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा और पानी पीने से लोगों की मौत हो रही है। यही शहरी मॉडल है। और यह सिर्फ इंदौर में ही नहीं हो रहा है, बल्कि कई शहरों में यही स्थिति है। साफ पानी उपलब्ध कराना और प्रदूषण को नियंत्रित करना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार इनमें से कोई भी जिम्मेदारी निभा नहीं रही है।'

भगीरथपुरा में हुई 24 लोगों की मौत-पटवारी

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ से 10 मरीजों की हालत बेहद गंभीर है। उन्होंने बताया कि गांधी शनिवार को इंदौर पहुंचकर निजी क्षेत्र के बॉम्बे हॉस्पिटल जाएंगे और उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण भर्ती मरीजों से मिलकर उनका हाल जानेंगे। पटवारी ने बताया कि पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष भागीरथपुरा भी पहुंचेंगे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात करके उनके प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त करेंगे।

बाद में सम्मेलन आयोजित करेगी कांग्रेस

उन्होंने कहा, ‘हम दूषित पेयजल की समस्या के समाधान पर सकारात्मक चर्चा के लिए गांधी की मौजूदगी में बुद्धिजीवियों, पर्यावरणविदों और राज्य भर के नगर निगम पार्षदों का एक सम्मेलन आयोजित करना चाहते थे, लेकिन हमें प्रशासन ने इस आयोजन की अनुमति नहीं दी। इसलिए हम बाद में यह सम्मेलन आयोजित करेंगे।’ पटवारी ने दावा किया कि पूरे प्रदेश में 70 प्रतिशत पानी दूषित होने के कारण पीने योग्य नहीं है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दूषित पेयजल को ‘धीमा जहर’ करार देते हुए दावा किया कि इससे लोगों की किडनी और अन्य अंगों को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।

दिसंबर के आखिर में बीमार पड़े लोग

पटवारी ने संस्कृत की मशहूर कहावत ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि’ का हवाला देते हुए प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधा और कहा, "इंदौर में दूषित पेयजल से कई लोगों की मौत के बावजूद राज्य के मंत्री भव्य आयोजनों में व्यस्त हैं और वे हमें गालियां देकर कह रहे हैं कि हम इस घटना को लेकर सवाल क्यों उठा रहे हैं?"शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से लोगों के बीमार पड़ने का सिलसिला दिसंबर के आखिर में शुरू हुआ था। स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप में अब तक 24 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है।

मौत के आंकड़ों पर है विवाद

मृतकों के आंकड़े को लेकर विरोधाभासी दावों के बीच राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में बृहस्पतिवार को पेश स्थिति रिपोर्ट में भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त प्रकोप के दौरान पांच माह के बालक समेत सात लोगों की मौत का जिक्र किया है। इस बीच, शहर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की एक समिति के किए गए 'डेथ ऑडिट' की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा के 15 लोगों की मौत इस प्रकोप से किसी न किसी तरह जुड़ी हो सकती है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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