देश में भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में 6 दिसंबर को महापरिनिर्वाण दिवस (Mahaparinirvan Diwas ) मनाया जा रहा है। विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, शिक्षाविद और संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की आज 70वीं पुण्यतिथि है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, "अंबेडकर जी एक आदर्श हैं। उन्होंने पूरे देश को एक राह दिखाई, उन्होंने हमें संविधान दिया। इसलिए, हम उन्हें याद करते हैं और उनके विचारों और संविधान की रक्षा करते हैं। हर भारतीय का संविधान खतरे में है। हम इसकी रक्षा करते हैं, नागरिक इसकी रक्षा करते हैं।"
संविधान की रक्षा, मेरा संकल्प: राहुल गांधी
इसके बाद सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक्स पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने लिखा, "बाबासाहेब अंबेडकर को उनके महापरिनिर्वाण दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि। समानता, न्याय और मानवीय गरिमा की उनकी कालातीत विरासत संविधान की रक्षा के मेरे संकल्प को मजबूत करती है और एक अधिक समावेशी, दयालु भारत के लिए हमारे सामूहिक संघर्ष को प्रेरित करती है।"
संसद परिसर में मनाया गया महापरिनिर्वाण दिवस
भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ओर से डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन (डीएएफ) द्वारा 06 दिसंबर, 2025 को प्रेरणा स्थल, संसद भवन परिसर में बाबासाहेब डॉ. बीआर अंबेडकर की प्रतिमा के पास 70वां महापरिनिर्वाण दिवस मनाया गया।
संसद भवन लॉन में बाबासाहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर की आदमकद प्रतिमा के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए पूरे कार्यक्रम को आम जनता के लिए खोल दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान, डॉ. आंबेडकर फाउंडेशन (डीएएफ) ने भी अनुयायियों के सामान के भंडारण में सहायता के लिए एक स्टॉल लगाया। साथ ही, उन्होंने 25 बौद्ध भिक्षुओं द्वारा प्रस्तुत बौद्ध मंत्रों के संगम के साथ बाबासाहेब डॉ. बी.आर. आंबेडकर को अपनी पुष्पांजलि अर्पित की।
