Women’s Reservation Bill: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार OBC वर्ग का 'हिस्सा चोरी' करने और परिसीमन (Delimitation) के जरिए “पावर ग्रैब” की कोशिश कर रही है। उन्होंने इन कदमों को एंटी-नेशनल करार दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक वीडियो संदेश में राहुल गांधी ने कहा कि महिला आरक्षण कानून के बहाने सरकार ऐसा ढांचा तैयार कर रही है,जिससे पिछड़े वर्गों को उनकी आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व न मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर फैसले लेना चाहती है, जबकि उसमें OBC से जुड़ा कोई ठोस डेटा मौजूद नहीं है।
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लागू करना चाहिए
राहुल गांधी ने कहा कि अगर सरकार वास्तव में महिला आरक्षण लागू करना चाहती है, तो उसे पहले से मौजूद ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लागू करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि नई जनगणना और जातीय आंकड़ों के आधार पर ही इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पिछड़ा वर्ग देश की करीब 50 प्रतिशत आबादी है,लेकिन सरकार उन्हें उनकी हिस्सेदारी से वंचित करना चाहती है।
'आरएसएस और भाजपा के लोग डर गए हैं'
राहल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोग घबरा गए हैं,क्योंकि जाति जनगणना के आंकड़े आना शुरू हो गए हैं। उन्हें पता लग गया है कि पिछड़ों की कितनी आबादी है। वे नहीं चाहते कि आपको (ओबीसी) आबादी के हिसाब से भागीदारी मिले। यह राष्ट्र-विरोधी गतिविधि है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण के पक्ष में है और संसद में इसे पहले ही समर्थन दे चुकी है, लेकिन राजनीतिक फायदे के लिए लाए जा रहे संशोधनों का विरोध करेगी।
परिसीमन पर भी जताई चिंता
परिसीमन को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई। राहुल गांधी ने कहा कि अगर सरकार की योजना लागू होती है,तो दक्षिण भारत,पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों का प्रतिनिधित्व घट सकता है, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हमारा रुख है कि आप (प्रधानमंत्री) 2026 में हो रही जनगणना के आधार पर (परिसीमन) कीजिए और 2011 की जनगणना के आधार पर मत कीजिए, क्योंकि उसमें ओबीसी का आंकड़ा नहीं है।
