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वायनाड में जंगल से पैदल गुजरीं प्रियंका गांधी, आदिवासी समुदाय से मिलकर सुनीं उनकी समस्या, Video

इससे पहले दिन में प्रियंका ने प्रतिनिधियों के साथ उनकी मांगों पर चर्चा की कर वहां जारी विकास कार्यों का जायजा लिया। दिन में उन्होंने वायनाड जिले के कोट्टियमवयाल में प्रस्तावित पडिंजराथरा-पूझीथोडु सड़क स्थल के अपने दौरे के बारे में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक वीडियो भी पोस्ट किया।

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अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड का दौरा करतीं प्रियंका गांधी। तस्वीर-@priyankagandhi

Photo : Twitter

Priyanka Gandhi : कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को यहां करुलाई जंगलों में ‘ट्रैकिंग’ की और बड़ी चट्टानों पर चढ़कर चोलानायक्कर आदिवासी समुदाय से मुलाकात की तथा उनकी समस्याएं सुनीं। पार्टी द्वारा जारी की गई एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रियंका 11 सितंबर से अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड में हैं और आदिवासी अर्थव्यवस्था में पीएचडी कर रहे सी. विनोद ने उनकी यात्रा के दौरान उन्हें जंगलों तथा आदिवासी समुदाय की समस्याओं के बारे में बताया।

चोलानायक्कर समुदाय से मिलने आईं

विज्ञप्ति में कहा गया है कि आदिवासी समुदाय के विनोद ने चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें अपनी दुर्दशा के बारे में बताया था और उनके अनुरोध पर ही वह चोलानायक्कर समुदाय से मिलने गई थीं। समुदाय से मिलने के बाद कांग्रेस सांसद ने उनकी समस्याओं की चर्चा के लिए उन्हें वन विभाग के बंगले में बुलवाया।

प्रतिनिधियों के साथ उनकी मांगों पर चर्चा की

विज्ञप्ति में कहा गया है कि उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों और समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ उनकी मांगों पर चर्चा की। चोलानायक्कर आदिवासी समुदाय से मिलने के बाद कांग्रेस सांसद नीलांबुर सागौन डिपो पहुंची। विज्ञप्ति में कहा गया है कि उन्होंने डिपो का भ्रमण किया और वहां स्थित संग्रहालय की गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।

विकास कार्यों का जायजा लिया

इससे पहले दिन में प्रियंका ने प्रतिनिधियों के साथ उनकी मांगों पर चर्चा की कर वहां जारी विकास कार्यों का जायजा लिया। दिन में उन्होंने वायनाड जिले के कोट्टियमवयाल में प्रस्तावित पडिंजराथरा-पूझीथोडु सड़क स्थल के अपने दौरे के बारे में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक वीडियो भी पोस्ट किया।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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