Manipur Violence: मणिपुर में एक बार फिर से हालात खराब हो गए हैं। हिंसक विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगाया गया है, जबकि इंफाल घाटी के पांच इलाकों में पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित की गई हैं। इस बीच, वायनाड सांसद और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि आखिर उन्होंने मणिपुर को उसके हाल पर क्यों छोड़ दिया है।
प्रियंका गांधी ने क्या कुछ कहा?
वायनाज सांसद ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''मणिपुर एक बार फिर से हिंसा की चपेट में है। करीब दो साल से राज्य के लोग हिंसा, हत्या, बलात्कार और पलायन झेल रहे हैं। सैकड़ों मौतें हो चुकी हैं, हजारों लोग बेघर हैं। आखिर क्या कारण है कि केंद्र का शासन होने के बावजूद वहां शांति बहाली नहीं हो पा रही है?''
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने मणिपुर को उसके हाल पर क्यों छोड़ दिया है? आज तक न वे मणिपुर गए, न राज्य के किसी प्रतिनिधि से मिले, न कभी शांति की अपील की और न ही कोई ठोस प्रयास किया। यह संवेदनहीन और गैर-जिम्मेदार रवैया किसी लोकतंत्र के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रधानमंत्री जी की जिम्मेदारी है कि वे देशवासियों के लिए शांति-सुरक्षा सुनिश्चित करें। इससे पीछे हटना अपने कर्तव्य से मुंह मोड़ना है।
क्या है पूरा मामला?
मणिपुर में उग्रवादी मैतेई संगठन 'अरमबाई टेंगोल' के एक नेता और चार सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद से राज्य की स्थिति खराब हो गई। जगह-जगह पर हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए जिसके बाद कर्फ्यू लगाया गया। मौजूदा स्थिति को देखते हुए मणिपुर के 25 विधायकों और एक सांसद ने रविवार को राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की और अरमबाई टेंगोल नेताओं को रिहा करने का अनुरोध किया।
