Manipur Violence: मणिपुर में एक बार फिर से हालात खराब हो गए हैं। इंफाल घाटी के पांच जिलों में अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगाया गया है। साथ ही पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं। इस बीच, मणिपुर के 25 विधायकों और एक सांसद ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर अरमबाई टेंगोल नेताओं की रिहाई की मांग की।
मणिपुर में क्यों बिगड़े हालात?
मणिपुर में उग्रवादी मैतेई संगठन 'अरमबाई टेंगोल' के एक नेता और चार सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर स्थिति खराब हो गई। जगह-जगह हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए फिर कर्फ्यू लगाया गया।
भाजपा विधायक खों इबोम्चा ने समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में बताया कि हमने आज राज्यपाल से कल की घटना को लेकर बात की और उनसे गिरफ्तार किए गए अरमबाई टेंगोल नेताओं को रिहा करने का अनुरोध किया। राज्यपाल ने कहा कि सरकार अरमबाई टेंगोल के खिलाफ नहीं है। उन्होंने हाल ही में आई बाढ़ में अरमबाई टेंगोल की सेवाओं का भी समर्थन किया है।
भाजपा विधायक ने कहा कि कनन सिंह को उनके खिलाफ सीबीआई मामले की वजह से गिरफ्तार किया गया था और अन्य चार की गिरफ्तारी इसलिए हुई, क्योंकि वह उस समय उनके साथ थे। सरकार राज्य पुलिस द्वारा इन चारों का सत्यापन कर रही है। एक बार जब वह साफ हो जाएगा तो उन्हें रिहा कर दिया जाएगा।
मणिपुर में दहशत का माहौल
कांग्रेस विधायक ओकराम सुरजाकुमार ने बताया कि अरमबाई टेंगोल नेताओं की गिरफ्तारी से पूरे राज्य में दहशत का माहौल है। कुछ स्थानों पर नाकाबंदी है और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। हमने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि अगर सरकार ऐसे समय में किसी को गिरफ्तार करना चाहती है तो उन्हें जनता के सामने इसका कारण स्पष्ट करना चाहिए... लगभग सभी दलों के प्रतिनिधि आज यहां मौजूद हैं।
