Jewish Community of India : इजरायल पर आतंकवादी संगठन हमास के हमले के बाद यहूदी समुदाय चर्चा में है। इजरायल एक यहूदी देश है। इनकी आबादी कम है लेकिन इस समुदाय के लोग भारत सहित दुनिया के कई देशों में रहते हैं। भारत में इनकी तादाद एक समय ज्यादा थी लेकिन समय के साथ इसमें कमी आई। साल 1948 में जब इजरायल की स्थापना हुई उस समय भारत में इस समुदाय की आबादी करीब 30,000 हजार थी। इसमें से करीब 20,000 लोग इजरायल और कुछ अन्य देशों में चले गए।
मुंबई में सबसे ज्यादा आबादी
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत में यहूदी समुदाय की आबादी सात से आठ हजार के बीच मानी जाती है। इसमें भी सबसे ज्यादा यहूदी महाराष्ट्र एवं मुंबई में रहते हैं। भारत में यहूदी समुदाय का यह आंकड़ा कुछ वर्षों से कमोबेश स्थिर है। मुंबई के अलावा यहूदी लोग कलकत्ता, दिल्ली, कोचिन, पूना एवं महाराष्ट्र के कुछ गांवों में रहते हैं। भारत में यहूदी अन्य लोगों के साथ घुल-मिलकर रहते हैं।
'भारत जितना सम्मान दुनिया में कहीं और नहीं मिला'
यहूदी समुदाय के लोगों को कहना है कि भारत में जितना सम्मान उन्हें मिला उतना किसी और देश में नहीं मिला। समुदाय के लोगों के मुताबिक भारत में उनके खिलाफ कभी कोई भावना नहीं दिखी। उन्हें भी उतने ही अधिकार मिले हुए हैं जितने कि भारत के अन्य अल्पसंख्यक समुदायों को। भारत में उनके साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं हुआ। भारत में यहूदियों को अल्पसंख्यक का दर्जा मिला हुआ है। विगत दशकों भारत ने जिस तरह से उनकी संस्कृति का आदर-सम्मान एवं सहूलियतें दीं उनसे ये भारत को अपना घर समझने लगे।
दुनिया भर में यहूदी आबादी 1.46 करोड़
वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यु के मुताबिक दुनिया में सबसे ज्यादा ईसाई धर्म के अनुयायी हैं। दूसरे स्थान पर इस्लाम को मानने वाले और तीसरे स्थान पर हिंदू धर्म के लोग हैं। दुनिया में यहूदी समुदाय सातवें स्थान पर है। 2020 के अनुमान के मुताबिक दुनिया में ईसाई धर्म को मानने वाले 238 करोड़ हैं। जबकि इस्लाम धर्म के अनुयायी 191 करोड़ और हिंदू धर्म को मानने वाले 116 करोड़, बौद्ध 50.7 करोड़, यहूदी 1.46 करोड़ और अन्य धर्मों की संख्या 6.1 करोड़ है।
