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कोलकाता फिल्म महोत्सव बना राजनीति का अखाड़ा,अमिताभ-शाहरूख बनें मोहरे !

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Dec 16, 2022, 05:21 PM IST

Kolkata International Film Festival: आम तौर पर राजनीतिक विवादों से दूर रहने वाले अभिनेता अमिताभ बच्चन ने नागरिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी जैसे राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मुद्दों पर टिप्पणी की है।

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कोलकाता फिल्म समारोह में अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  • भाजपा नेता अमित मालवीय और टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा सोशल मीडिया पर भिड़े।
  • अमिताभ बच्चन ने अभिव्यक्ति की आजादी पर उठाए थे सवाल।
  • शाहरुख खान ने सोशल मीडिया पर साधा निशाना।

Kolkata International Film Festival: पहले गोवा इंटरनेशनल फिल्म समारोह और अब कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म समारोह में राजनीति की एंट्री हो गई है। मामला बॉलीवुड के शहंशाह और बादशाह का है। पहले शहंशाह अमिताभ बच्चन ने फ्रीडम ऑफ स्पीच को लेकर बयान दिया और उसके बाद बादशाह शाहरुख खान ने पठान के गाने के विवाद के बीच सोशल मीडिया पर निशाना साधा। बॉलीवुड के इन दिग्गजों के बयान के बाद, भाजपा और तृणमूल कांग्रेस आमने-सामने हैं और वह दोनों इन नायकों के बहाने एक-दूसरे को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं।

अमिताभ बच्चन ने क्या कहा था

बिग बी ने कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म समारोह में कहा कि आज भी नागरिकों की स्वतंत्रता और बोलने की आजादी पर सवाल उठाए जाते हैं। आम तौर पर राजनीतिक विवादों से दूर रहने वाले अभिनेता अमिताभ बच्चन ने नागरिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी जैसे राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मुद्दों पर टिप्पणी की है। ऐसे में उनके इस टिप्पणी पर राजनीति होने की पूरी संभावना थी और वैसा ही हुआ।

भाजपा प्रवक्ता अमित मालवीय ने ट्वीट कर कहा कि अमिताभ बच्चन के शब्द इससे अधिक भविष्यसूचक नहीं हो सकते थे क्योंकि ये शब्द कोलकाता में मंच पर ममता बनर्जी के सामने बोले गए थे। यह उस तानाशाह को आईना दिखाने जैसा है, जिसकी निगरानी में भारत ने चुनाव के बाद की सबसे खूनी हिंसा देखी है।

भाजपा नेता के ममता बनर्जी को सीधे निशाने पर लेने का मतलब था कि तृणमूल कांग्रेस भी चुप नहीं बैठने वाली थी। और वही हुआ अमित मालवीय के ट्वीट के बाद तृणमूल कांग्रेस नेता और सांसद महुआ मोइत्रा ने सीधे अमित मालवीय पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि काश बीजेपी सिंगल डिजिट से ज्यादा IQ वाले ट्रोल इन चीफ को हायर करती। बच्चन जी बंगाल के 'जमाई' हैं और वे जानते हैं कि उनके दूसरे घर (ससुराल) की मिट्टी आजाद और बहादुरों के घर की धरती है। उन्होंने कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म समारोह के मंच को भाजपा के कला के प्रति बहिष्कार और प्रतिबंध लगाने की रणनीति की आलोचना करने के लिए चुना।

शाहरुख खान के बहाने ममता पर निशाना

कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में शाहरुख खान ने भी कुछ यू पठान के गाने के विवाद के बीच जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सिनेमा मानवता की करुणा, एकता और भाईचारे की अपार क्षमता को सामने लाता है। ऐसे में दुनिया कुछ भी कर ले, मैं और आप लोग और जितने भी पॉजिटिव लोग हैं जिंदा रहेंगे।

इस बयान के बीच भाजपा नेता अमित मालवीय ने फिर से ममता बनर्जी पर निशाना साध दिया, उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि ममता बनर्जी ने बंगाल के बेटे और सुपरस्टार मिथुन चक्रवर्ती को कोलकाता फिल्म फेस्टिवल के लिए आमंत्रित नहीं किया। इसी तरह उन्होंने शाहरुख को बंगाल का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया लेकिन सौरव गांगुली को नहीं किया जो बंगाल के सबसे बेहतरीन क्रिकेटरों में से एक हैं।

साफ है कि अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान कोलकाता फिल्म समारोह में राजनीति के मोहरे बन गए हैं। अब देखना है कि यह विवाद किस ओर जाता है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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