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सैफ अली खान पर हमला करने वाला गिरफ्तार, रेस्टोरेंट में वेटर है आरोपी; कबूल लिया अपना जुर्म

Saif Ali Khan Attack Case: अभिनेता सैफ अली खान पर जानलेवा हमला मामले में मुंबई पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सैफ पर हमला करने वाले शख्स को पुलिस ने दबोच लिया है। इतना ही नहीं, आरोपी ने अपना अपराध कबूल भी कर लिया है। इस मामले में ये अब तक का सबसे बड़ा अपडेट सामने आया है।

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इसी शख्स ने किया था सैफ अली खान पर हमला।

Big Breaking in Saif Ali Khan Attack Case: अभिनेता सैफ अली खान पर मुंबई में उनके घर पर चाकू से हुए हमले के मामले में मुंबई पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। सैफ पर हमला करने वाला गिरफ्तार हो गया है। पुलिस ने सैफ अली खान पर हमला मामले में आरोपी को ठाणे से गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार आरोपी ने अपना जुर्म भी कबूल लिया है।

क्या करता है सैफ अली खान पर हमला करने वाला?

सैफ अली खान पर हमला मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई सामने आई। मुंबई पुलिस ने बताया है कि गिरफ्तार आरोपी, जो एक रेस्टोरेंट में वेटर है, उसने अपराध करना कबूल किया है।

मोहम्मद आलियान है सैफ के हमलावर का असली नाम

सैफ अली खान पर चाकू से हमला करने के मामले में मुख्य आरोपी को डीसीपी जोन-6 नवनाथ धवले की टीम, जोन-9 और कासारवडवली पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन में गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी ठाणे (प.) में एक मेट्रो कंस्ट्रक्शन साइट के पास स्थित एक लेबर कैंप में की गई। दास पहले मुंबई के एक पब में काम करता था। आरोपी का नाम मोहम्मद आलियान उर्फ BJ है। उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए खुद का हिंदू नाम विजय दास बताया था।

सैफ पर हमला मामले में छत्तीसगढ़ से पकड़ा गया था एक संदिग्ध

अभिनेता सैफ अली खान पर मुंबई में उनके घर पर चाकू से हुए हमले के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने शनिवार दोपहर छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन से एक संदिग्ध को हिरासत में लिया था। संदिग्ध की तस्वीर मुंबई पुलिस ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के साथ साझा की थी। संदिग्ध मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) से कोलकाता शालीमार के बीच चलने वाली ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस से यात्रा कर रहा था। मुंबई पुलिस ने बाद में एक बयान में कहा कि हिरासत में लिया गया व्यक्ति आकाश कैलाश कन्नोजिया (31) अब भी संदिग्ध है। इससे पहले शुक्रवार को एक बढ़ई को हिरासत में लिया गया था क्योंकि वह अभिनेता की बिल्डिंग में लगे सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध हमलावर के स्क्रीनग्रैब से मिलता जुलता था। लेकिन, बाद में उसे रिहा कर दिया गया क्योंकि उसका अपराध से कोई संबंध नहीं पाया गया।

सैफ अली खान को अस्पताल से कब तक मिलेगी छुट्टी? जानें अपडेट

लोकप्रिय बॉलीवुड स्टार 54 वर्षीय खान पर बुधवार-बृहस्पतिवार की दरमियानी रात मुंबई के बांद्रा इलाके में 12वीं मंजिल पर स्थित उनके आवास पर चाकू से हमला किया था। हमले को लूटपाट के इरादे से घर में दाखिल हुए एक घुसपैठिये ने अंजाम दिया था। लीलावती अस्पताल में भर्ती सैफ अली खान का इलाज कर रहे चिकित्सकों के अनुसार उनके स्वास्थ्य में सुधार आ रहा है और उन्हें दो-तीन दिन में छुट्टी दी जा सकती है।

सैफ की पत्नी करीना कपूर खान ने पुलिस को बताया सबकुछ

सैफ अली खान की पत्नी एवं अभिनेत्री करीना कपूर खान ने पुलिस को बताया है कि मुंबई में उनके घर में घुसने वाला हमलावर हाथापाई के दौरान आक्रामक हो गया था लेकिन उसने वहां रखे आभूषणों को हाथ तक नहीं लगाया। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सैफ पर हुआ यह हमला एक अचानक हुई घटना प्रतीत होती है। पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रथम दृष्टया जांच के अनुसार, घुसपैठिया किसी गिरोह के लिए काम नहीं कर रहा था। उसे शायद यह भी पता नहीं था कि वह किसके घर में घुसा है। ’’

महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने कहा है कि इस घटना के पीछे लूटपाट का उद्देश्य था और इसमें कोई अंडरवर्ल्ड गिरोह शामिल नहीं है। अभिनेता को अस्पताल ले जाने वाले ऑटोरिक्शा चालक भजन सिंह राणा सुर्खियों में हैं। राणा ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि खून से सना कुर्ता पहने यात्री बॉलीवुड स्टार और पद्मश्री पुरस्कार विजेता सैफ अली खान हैं। राणा से पूछा गया कि क्या खान के बेटे तैमूर उनके साथ अस्पताल गए थे तो उन्होंने कहा, “वह (सैफ) ऑटो रिक्शा में बैठे। सात-आठ साल का एक लड़का भी रिक्शा में बैठा।” ऑटो रिक्शा चालक ने कहा कि पहले बांद्रा में होली फैमिली अस्पताल जाने की योजना थी, लेकिन फिर सैफ ने बांद्रा में ही स्थित लीलावती अस्पताल ले जाने के लिए कहा।

पुलिस ने सैफ अली खान के घर से चाकू का टुकड़ा किया बरामद

पुलिस ने अभिनेता सैफ अली खान पर बृहस्पतिवार को एक हमलावर द्वारा किए गए हमले की जांच के दौरान उनके घर से टूटे हुए चाकू का एक टुकड़ा बरामद किया है। एक अधिकारी ने शनिवार रात को यह जानकारी दी। सैफ पर बांद्रा के ‘सतगुरु शरण’ बिल्डिंग की 12वीं मंजिल पर स्थित उनके घर में लूटपाट के प्रयास के दौरान हमलावर ने कई बार चाकू से वार किया था। सैफ की आपातकालीन सर्जरी करने वाले चिकित्सकों ने बाद में उनकी रीढ़ से टूटे हुए चाकू का 2.5 इंच का टुकड़ा निकाला था। चिकित्सकों ने कहा कि अगर चाकू दो मिलीमीटर और अंदर घुस जाता तो गंभीर चोट लग सकती थी। छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर घटना के संबंध में शनिवार को एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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