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Probable Cabinet ministers List in Modi 3.0 Government: पीएम मोदी के साथ कितने मंत्री लेंगे शपथ, नई कैबिनेट में कौन-कौन शामिल? TDP कोटे से कंफर्म हो गए ये दो नाम

List of Expected Ministers in the Modi New Government: ऐसा माना जा रहा है कि गृह, वित्त, रक्षा और विदेश जैसे महत्वपूर्ण विभागों के अलावा शिक्षा और संस्कृति जैसे दो मजबूत वैचारिक पहलुओं वाले मंत्रालय भाजपा के पास रहेंगे, जबकि उसके सहयोगियों को पांच से आठ कैबिनेट पद मिल सकते हैं।

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नरेंद्र मोदी की कैबिनेट को लेकर कई नाम चर्चा में हैं।

Photo : Twitter

Expected Ministers List in the Modi New Government, Oath Ceremony: नरेंद्र मोदी आज तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह शपथ ग्रहण आज शाम 7:30 बजे होगा, इस समारोह को भव्य बनाने की सारी तैयारियां राष्ट्रपति भवन की ओर से की जा रही हैं। नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण में कई राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया गया है। जानकारी के मुताबिक, करीब 8000 लोग इस समारोह में शिरकत करेंगे। इस बीच सभी की नजरें पीएम मोदी के साथ शपथ ग्रहण करने वाले मंत्रियों और उनके मंत्रिमंडल पर टिकी हुई हैं। संभावित नामों को लेकर गहमा-गहमी भी बनी हुई है और कई तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है।

सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी के साथ चार मंत्री शपथ ले सकते हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी के मंत्रिमंडल को लेकर शनिवार देर रात तक बैठकों का दौर चलता रहा और भारतीय जनता पार्टी ने अपने सहयोगी दलों के साथ नए मंत्रिमंडल को लेकर गहन चर्चा की।

भाजपा के पास ही रहेंगे ये मंत्रालय

ऐसा माना जा रहा है कि गृह, वित्त, रक्षा और विदेश जैसे महत्वपूर्ण विभागों के अलावा शिक्षा और संस्कृति जैसे दो मजबूत वैचारिक पहलुओं वाले मंत्रालय भाजपा के पास रहेंगे, जबकि उसके सहयोगियों को पांच से आठ कैबिनेट पद मिल सकते हैं। बीजेपी के भीतर जहां अमित शाह और राजनाथ सिंह जैसे नेताओं का नये मंत्रिमंडल में शामिल होना तय माना जा रहा है, वहीं लोकसभा चुनाव जीतने वाले पूर्व मुख्यमंत्री जैसे शिवराज सिंह चौहान, बसवराज बोम्मई, मनोहर लाल खट्टर और सर्बानंद सोनोवाल सरकार में शामिल होने के प्रबल दावेदार हैं।

टीडीपी के ये दो मंत्री लेंगे शपथ

मोदी कैबिनेट में तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के दो नवनिर्वाचित सांसद शामिल होंगे। टीडीपी की ओर से इसकी जानकारी दी गई है। टीडीपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री येरन नायडू के बेटे 36 वर्षीय राम मोहन नायडू कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेंगे तो वहीं पेशे से डॉक्टर और इस चुनाव में सबसे अमीर उम्मीदवारों में से एक चंद्रशेखर पेम्मासानी केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में शपथ लेंगे।

जदयू के ये बन सकते हैं मंत्री

वहीं, जद(यू) के ललन सिंह, संजय झा और राम नाथ ठाकुर तथा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के चिराग पासवान उन सहयोगियों में शामिल हैं जो नयी सरकार का हिस्सा हो सकते हैं। जद(यू) कोटे से ललन सिंह या संजय झा को शामिल किए जाने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा महाराष्ट्र में बीजेपी के सहयोगी दलों को भी मोदी कैबिनेट में जगह मिल सकती है। दरअसल, अक्टूबर में महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने हैं तो अगले साल बिहार में चुनाव होंगे।

नड्डा की बदल सकती है भूमिका

लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद भाजपा के संगठन में होने वाले बदलाव भी पार्टी के मंत्रियों के नामों को अंतिम रूप देते समय चयनकर्ताओं के मन में होंगे। बता दें, लोकसभा चुनावों के कारण जेपी नड्डा का कार्यकाल बढ़ा दिया गया था और संगठनात्मक अनिवार्यताएं पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण विचारणीय विषय होगा, क्योंकि चुनाव परिणामों ने संकेत दिया है कि हो सकता है कि उसकी विशाल मशीनरी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। सूत्रों ने कहा कि इससे पार्टी में किसी अनुभवी व्यक्ति को भेजे जाने और नड्डा को सरकार में स्थान दिए जाने की संभावना भी बनी हुई है।

महाराष्ट्र से 6 सांसद केंद्रीय मंत्रीमंडल में शामिल होंगे

नितीन गडकरी (नागपूर)

पियुष गोयल (मुंबई नॉर्थ)

रक्षा खडसे (रावेर)

मुरलीधर मोहोळ (पुणे)

प्रतापराव जाधव (बुलढाणा, शिवसेना)

रामदास आठवले (आरपीआय)

एनसीपी को अभी तक कोई फ़ोन नहीं गया है, एनसीपी की मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना कम है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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