PM Modi mother Heeraben Modi Facts: पीएम नरेंद्र मोदी की मम्मी हीराबेन मोदी का निधन (Heeraben Modi Death) हो गया है। हीराबेन मोदी ने 100 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। पीएम मोदी ने ट्वीट के जरिए अपनी मां के निधन की पुष्टि की है। हीराबेन मोदी की पिछले दिनों तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें अहमदाबाद स्थित यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया था। पीएम अपनी माता के बेहद करीब थे, उन्हें जब भी समय मिलता वह अपनी मां से जरूर मिलते थे।
हीराबेन मोदी का जन्म साल 1922 को गुजरात के मेहसाणा में हुआ था। उनकी शादी पीएम मोदी के पिता दामोदरदास मूलचंद मोदी से हुई थी। दामोदरदास मोदी चाय बेचा करते थे। शादी के बाद हीराबेन मोदी गुजरात के वडनगर में आ गई थीं, जहां उनके बेटे नरेंद्र मोदी का जन्म हुआ था। पीएम मोदी के भाई प्रह्लाद मोदी ने एक इंटरव्यू में कहा था, 'मेरी मम्मी केवल 15-16 साल की थीं जब उनकी शादी हो गई थी। आर्थिक तंगी और पारिवारिक कारणो से उन्हें कभी भी पढ़ाई का मौका नहीं मिला।'
कभी पैसे नहीं लिए उधार
प्रह्लाद मोदी ने कहा था, 'वह चाहती थीं कि उनके सभी बच्चे पढ़ाई करें। घर के हालत ऐसे नहीं थे कि हम फीस भर सके लेकिन, मां ने कभी भी पैसे उधार नहीं लिए। उन्होंने इस बात का ख्याल रखा कि कुछ काम करके ही फीस भरी जाए।' पीएम मोदी ने वडनगर से सातवीं क्लास तक पढ़ाई की थी। उनके पास केवल एक यूनिफॉर्म थी। जब वह फट जाती तो वह उसे दूसरे कपड़े से सिलती थीं। प्रह्लाद मोदी बताते हैं कि, 'आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि हफ्ते में केवल पांच दिन बाजरे की रोटी और कढ़ी बनती थी। सब्जी खरीदने के पैसे नहीं थे। छाछ तब मुफ्त में मिलती थी।'
बेहद धार्मिक थीं हीराबेन मोदी
प्रह्लाद मोदी ने बताया, 'हीराबा बेहद धार्मिक हैं और वह हमेशा कहती हैं कि अपना जीवन देश की सेवा में लगाना चाहिए। वह पढ़ी-लिखी नहीं थी लेकिन, उनके पति उन्हें धार्मिक किताबे पढ़ने के लिए देते थे। वह पूरा दिन काम करती थीं। आज पीएम मोदी 18 घंटे काम करते हैं तो इसकी प्रेरणा उन्हें मां से ही मिली है।' हाटकेश्वर महादेव मंदिर के महाराज षष्टी निरंजनसिंह रावल ने एक बातचीत में कहा था, 'वह शिवरात्रि और सावन में मंदिर आती थीं। वह पूजा करती थीं और मुझे भी आशीर्वाद देती थीं।'
