ET NOW GBS 2026: न्यू वर्ल्ड ऑर्डर से लेकर डिजिटल इंडिया तक... पढ़ें PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें
- Edited by: अनुराग गुप्ता
- Updated Feb 13, 2026, 11:56 PM IST
PM Modi ET Now Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टाइम्स नेटवर्क के ग्लोबल बिजनेट समिट को संबोधित करते हुए कहा कि पहले की सरकारें मजबूरी में रिफॉर्म किया करती थी।
पीएम मोदी ने टाइम्स नेटवर्क के ग्लोबल बिजनेट समिट को किया संबोधित
PM Modi in ET Now Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि संकट के समय ही किसी देश के सामर्थ्य का पता चलता है। मुझे बहुत गर्व है कि अनेक व्यवधानों के बीच भारत के लिए यह दशक अभूतपूर्व डेवलपमेंट, शानदार डिलवरी और लोकतंत्र को मजबूत करने वाला रहा है। जब पिछला दशक शुरू हुआ था तो भारत 11वें नंबर की अर्थव्यवस्था था। इतनी उथल-पुथल के बीच ऐसी आशंका थी कि भारत और नीचे जा सकता है, लेकिन भारत आज दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है।
PM मोदी ने क्या कुछ कहा?
पीएम मोदी ने टाइम्स नेटवर्क के ग्लोबल बिजनेट समिट को संबोधित करते हुए यह बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि सेंचुरी ऑफ चेंज का बहुत बड़ा आधार भारत ही होने जा रहा है। आज भारत दुनिया की ग्रोथ में 16 फीसदी से ज्यादा का योगदान दे रहा है। मुझे विश्वास है कि इस सेंचुरी के आने वाले हर साल में हमारा योगदान निरंतर बढ़ता रहेगा।
उन्होंने कहा कि दुनिया में दूसरे विश्व युद्ध के बाद एक नई वैश्विक व्यवस्था बनी थी। एक नए वर्ल्ड ऑर्डर ने आकार लिया था, लेकिन सात दशक के बाद वह व्यवस्था टूट रही है। दुनिया आज एक नए वर्ल्ड ऑर्डर की तरफ बढ़ रही है। आखिर ये क्यों हो रहा है? ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि जब वह व्यवस्था बनी थी तब उसकी नींव वन साइड फिट्स फॉर ऑल की सोच पर टिकी थी।
'रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है भारत'
पीएम मोदी ने कहा कि आज 21वीं सदी के इस दशक में भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, और रिफॉर्म एक्सप्रेस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि हम इसे मज़बूरी में नहीं, बल्कि दृढ़ विश्वास के साथ, सुधार प्रतिबद्धता के साथ गति दे रहे हैं।
कांग्रेस पर बरसे PM मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले के दौर में जब तक हालात मजबूर न कर दे, जब तक कोई संकट न आ जाए और कोई रास्ता न बचे तब मजबूरन रिफॉर्म्स किए जाते थे। उन्होंने कहा कि 1991 के रिफॉर्म भी तब हुए थे, जब देश पर दिवालिया होने का खतरा मंडरा रहा था, जब भारत को अपना सोना गिरवी रखना पड़ा था। पहले की सरकारों का यही तरीका रहा है, वे रिफॉर्म हमेशा मज़बूरी में ही किया करती थीं। जब 26/11 का हमला हुआ और कांग्रेस सरकार की कलई खुल गई, तब जाकर एनआईए का गठन किया गया। जब पावर सेक्टर बर्बाद हो गया, ग्रिड फेल होने लगे, तब मजबूरी में कांग्रेस को पावर सेक्टर की याद आई। ऐसी एक लंबी सूची है, जो यह याद दिलाती है कि जब रिफॉर्म मज़बूरी में किए जाते हैं, तो न सही नतीजे मिलते हैं और न ही देश को सही परिणाम मिलते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे गर्व है कि बीते 11 वर्षों में हमने दृढ़ विश्वास के साथ रिफॉर्म किए हैं... उन्होंने कहा कि अगर पॉलिसी बदले, लेकिन मन:स्थिति वही रहे, डिलीवरी सही से न हो तो रिफॉर्म महज कागज का टुकड़ा बनकर रह जाता है। इसलिए हमने पूरे सिस्टम को बदलने के लिए ईमानदारी से कोशिश की है।
कैबिनेट नोट की बदली परिपाटी
पीएम मोदी ने कैबिनेट नोट का जिक्र करते हुए नई व्यवस्था की बात की। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में एक कैबिनेट नोट बनने में ही महीनों लग जाते थे और इस रफ्तार से देश का विकास कैसे होता। इसे हमने बदला... हमने तय किया कि एक अफसर की टेबल पर कैबिनेट नोट तय घंटे से ज्यादा रहेगा ही नहीं, या तो निर्णय लें या उसे रिजेक्ट करें... और आज देश इसका नतीजा देख रहा है।
बजट पर भी खूब बोले PM मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि भारत का यह जो नया मिजाज है, वह हमारे बजट में भी साफ दिखाई देता है। पहले जब बजट की चर्चा होती थी, तो फोकस सिर्फ आउटले पर रहता था, कितना पैसा आवंटित हुआ, क्या सस्ता हुआ, क्या महंगा हुआ। योजनाओं का आगे क्या हुआ, यह पूछने वाला कोई नहीं था। हमने बजट को आउटले के साथ-साथ आउटकम-सेंट्रिक बनाया। उन्होंने कहा, ''बजट से बाहर नए जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म हुए, योजना आयोग की जगह नीति आयोग बनाया, आर्टिकल 370 की दीवार गिरा दी, तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाया, नारी शक्ति अभिनंदन कानून बनाया... बजट में घोषित हो या उससे बाहर रिफॉर्म एक्सप्रेस लगातार गति पकड़ रही है।''
PM मोदी ने गिनाए बनाए गए एक-एक कानून
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक साल में हमने पोर्ट और मैरीटाइम सेक्टर में रिफॉर्म किया, जन विश्वास एक्ट के तहत रिफॉर्म को और आगे बढ़ाया, एनर्जी सिक्योरिटी के लिए शांति एक्ट बनाया, लेवर कानूनों से जुड़े रिफॉर्मों को लागू किया, भारतीय न्याय संहिता लेकर आए।
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