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पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप से की फोन पर बात, अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में दी जीत की बधाई

PM Modi calls Donald Trump: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात कर जीत की बधाई दी है। उन्होंने कहा, प्रौद्योगिकी, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और कई अन्य क्षेत्रों में भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक बार फिर मिलकर काम करने की उम्मीद है।

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पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप से की फोन पर बात।

Photo : Twitter

PM Modi calls Donald Trump: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की है। इस दौरान पीएम मोदी ने ट्रंप को राष्ट्रपति चुनाव में जीत की बधाई दी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए लिखा,'मेरे मित्र, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई, उन्हें उनकी शानदार जीत पर बधाई दी। प्रौद्योगिकी, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और कई अन्य क्षेत्रों में भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक बार फिर मिलकर काम करने की उम्मीद है।

सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं ने विश्व शांति के लिए मिलकर काम करने की बात कही। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि पूरी दुनिया पीएम मोदी से प्यार करती है। उन्होंने कहा कि भारत एक शानदार देश है और पीएम मोदी एक शानदार इंसान हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी से कहा कि वह उन्हें और भारत को अपना सच्चा दोस्त मानते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी उन पहले विश्व नेताओं में से एक हैं जिनसे उन्होंने अपनी जीत के बाद बात की।

पीएम मोदी ने शेयर की थीं ट्रंप के साथ तस्वीरें

इससे पहले पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ तस्वीरें शेयर की थीं। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा था, मेरे दोस्त डोनाल्ड ट्रंप को उनकी ऐतिहासिक चुनावी जीत पर हार्दिक बधाई। आपके अपने पिछले कार्यकाल की सफलताओं के क्रम में, मैं भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए हमारे सहयोग को नए सिरे से आगे बढ़ाने की आशा करता हूं। आइए एक साथ मिलकर अपने लोगों की बेहतरी के लिए और वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए काम करें। मोदी ने इस पोस्ट के साथ ट्रंप से मुलाकात की कुछ पुरानी तस्वीरें भी साझा की। ऐसी एक तस्वीर में वह ट्रंप के साथ गले मिलते तो दूसरे में दोनों एक-दूसरे का हाथ पकड़कर ठहाके लगाते दिख रहे हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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